जौनपुर। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणनाÓ की तैयारियों के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों एवं चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभागार में प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने की। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय के प्रतिनिधि श्री युवराज गर्ग, सांख्यिकीय अन्वेषक ग्रेड-2 ने अधिकारियों को डिजिटल जनगणना 2027 की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सेन्सस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (ष्टरूरूस्) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से जनगणना से जुड़े विभिन्न कार्यों की निगरानी और प्रबंधन किया जाएगा। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण में उपस्थित सभी जनगणना पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनगणना का कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करने को कहा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) परमानंद झा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
― Advertisement ―
हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा
यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू



