जौनपुर धारा, खुटहन। उसरौली शहाबुद्दीन गांव में रविवार को घूर गड्ढे में खरपतवार से ढंकी जीवित मिली नवजात को पुलिस ने जिला चिकित्सालय के चाइल्ड लाइन में भेज दिया है। खबर लिखे जाने तक मामले में किसी के खिलाफ मुकदमा नहीं लिखा गया है।नवजात कहां से आया, किसने फेंका, उसका असली मां बाप कौन है। इसकी जांच के लिए पुलिस सरकारी और निजी चिकित्सालयों पर जाकर छानबीन कर रही है। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 36घंटे के भीतर किन अस्पतालों में डिलीवरी करायी गई है। इसको लेकर चिकित्सक और आशा बहुओं से पूछताछ भी की जा रही है।
उक्त गांव में घूर गड्ढे से किसी नवजात की आवाज सुन वहां काम कर महिलाओं ने खरपतवार के नीचे छुपाए गए नवजात को बाहर निकाला। उसकी सांसें चल रही थी। उपचार के लिए एक निजी चिकित्सक को बुलाया गया। नवजात बच्ची स्वस्थ पायी गयी। मौके पर नवजात को गांव के ही एक दलित परिवार ने लालन पालन हेतु ले लिया। उस दिन मामले की सूचना पुलिस व चाइल्ड लाइन को नहीं दी गई। अखबारों में छपी खबरों को संज्ञान लेकर पुलिस गांव के कमलेश गौतम के घर पहुंच नवजात को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय के चाइल्ड लाइन में दाखिल करा दिया। सीएचसी अधीक्षक डाक्टर रोहित लाल ने बताया कि 12 अक्टूबर से 16 तक अस्पताल में 10 प्रसूता की डिलीवरी करायी गई है। जांच कराई गई तो सभी जच्चा बच्चा अपने घर पर स्वस्थ हालत में पाये गये। वहीं उसरौली शहाबुद्दीन गांव में तैनात आशा बहू चमेला देवी ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व दो महिलाओं को डिलीवरी हुई थी। दोनों अपने घर पर नवजात शिशु के साथ मौजूद हैं।


