पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सरदार रमेश सिंह अरोड़ा को करतारपुर कॉरिडोर के लिए पहला राजदूत नियुक्त किया है. एक सरकारी अधिसूचना में बुधवार को यह जानकारी दी गई. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि सरदार रमेश सिंह अरोड़ा यहां मानद रूप से काम करेंगे. रमेश अरोड़ा करतारपुर के ही रहने वाले हैं. वह पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अल्पसंख्यक विंग के केंद्रीय महासचिव भी हैं. उनका परिवार करतारपुर में सिख पवित्र स्थलों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़ा है. उनकी नियुक्ति इसलिए की गई है क्योंकि करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने के बाद पाकिस्तान सरकार को जितने श्रद्धालुओं, खासकर भारत से आने की उम्मीद थी उतने आ नहीं रहे हैं.
2019 में इमरान खान ने किया था उद्घाटन
नवंबर 2019 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक समारोह में गुरु नानक की 550 वीं जयंती के उपलक्ष्य में औपचारिक रूप से करतारपुर गलिया का उद्घाटन किया था. इससे भारतीय सिख श्रद्धालुओं के लिए बिना वीजा के पाकिस्तान में अपने धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक तक जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ. पंजाब विधानसभा की वेबसाइट पर अरोड़ा (48) के परिचय में कहा गया कि उन्हें लगातार दूसरी बार पंजाब प्रांतीय विधानसभा का सदस्य चुना गया था. 2013-18 के दौरान अपने पहले कार्यकाल में, वह पंजाब विधानसभा में 1947 के बाद से सिख समुदाय से आने वाले पहले विधायक थे.
गुरु नानक देव ने गुजारे थे जीवन के अंतिम वर्ष
करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के पंजाब राज्य के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ता है. सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव अपने जीवन के अंतिम कुछ वर्षों में करतारपुर में ठहरे थे. चार किलोमीटर लंबा गलियारा दरबार साहिब जाने के लिए भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा-मुक्त पहुंच प्रदान करता है.



