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हैप्पी मॉडल स्कूल में मिशन शक्ति जागरूकता कार्यक्रम

मुंगराबादशाहपुर के हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में थाना पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने छात्राओं से छेड़छाड़ या उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर शिकायत करने की अपील की।

E-Paper 10-10-2026

Homeअपना जौनपुरकंप्यूटेशनल केमिस्ट्री में शोध की असीम संभावनाएं : डॉ.मनोज केसरवानी

कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री में शोध की असीम संभावनाएं : डॉ.मनोज केसरवानी

  • मॉलिक्युलर मॉडलिंग जैविक क्रियाओं को समझने में मददगार

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रोफेसर राजेंद्र सिंह(रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा मॉलिक्यूलर मॉडलिंग एवं कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री के विभिन्न आयामों व अनुप्रयोगों पर चर्चा हुईं। तकनीकी सत्र को सम्बोधित करते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ थ्योरिटिकल केमिस्ट्री, स्टटगार्ट यूनिवर्सिटी, जर्मनी के डॉ.मनोज केसरवानी ने कंप्यूटेशनल केमिस्ट्री में प्रयोग होने वाले विभिन्न सॉफ्टवेयर और प्रोग्राम के बारे में बताया तथा विद्यार्थियों को उसका प्रशिक्षण भी दिया। दूसरे सत्र को सम्बोधित करते हुए मेहरावां पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आशुतोष गुप्ता बीसवीं और इक्कीसवीं सदी में हुई रसायन विज्ञान की विभिन्न घटनाओं के जिक्र किया तथा कंप्यूटेशनल केमेस्ट्री की उत्पति और वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला।समापन सत्र के मुख्य अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के डॉ.विवेक कुमार यादव ने कहा कि इसी तरह की कार्यशाला से विद्यार्थी को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में हो रही शोध का पता चलता है। जिससे उन्हें अपने अध्ययन और शोध में मदद मिलती है। डॉ.विवेक ने मॉलिक्युलर डायनामिक्स और उससे जुड़े विभिन्न आयामों के बारे में विस्तार से उदाहरण के साथ चर्चा की। समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे रज्जू भैया संस्थान के निदेशक प्रो.देवराज सिंह ने कहा कि कंप्यूटर आज के समय में शोध के आवश्यक हिस्सा है। बिना कंप्यूटर के शोध की कल्पना नहीं को जा सकती है। प्रो.सिंह ने विद्यार्थियों को मेहनत के साथ अध्ययन और शोध करने के लिए प्रेरित किया। दो दिवसीय कार्यशाला का वृत्त डॉ.अजीत सिंह ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला का संचालन डॉ.मिथिलेश यादव व डॉ.दिनेश वर्मा किया। इस अवसर पर के डॉ.नितेश जायसवाल, डॉ.प्रमोद कुमार यादव, डॉ.गिरिधर मिश्र, डॉ आशीष वर्मा, डॉ.श्रवण कुमार, डॉ.दीपक मौर्य, डॉ.सौरभ सिंह, डॉ.सुजीत, डॉ.काजल तथा पीएचडी शोधार्थी व बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रही।