― Advertisement ―

spot_img

हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा

यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
Homeअपना जौनपुरएडीओ आईएसबी का तीन दिवसीय प्रशिक्षण हुआ

एडीओ आईएसबी का तीन दिवसीय प्रशिक्षण हुआ

  • जौनपुर व चंदौली के एडीओ आईएसबी ने लिया हिस्सा

जौनपुर। जिला ग्राम्य विकास संस्थान सिद्दीकपुर में एडीओ आईएसबी का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हुआ। जिसमे प्रतिभागियों को जरूरतमंद ग्रामीणो के उत्थान के बारे में जानकारी दी गई। जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ.सौरभ कुमार पांडे ने कहा कि ‘वित्तीय समावेशन गरीब तबके के आर्थिक उत्थान और उन्हें समृद्धि की ओर अग्रसर करने का सशक्त माध्यम है। प्रशिक्षण के अंतिम दिन जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की जानकारी दी। प्रशिक्षक अमर सिंह ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत विभिन्न कैडरों की भूमिका और उनकी उपयोगिता समझाई। जिला मिशन प्रबंधक गुलाबचंद्र सरोज ने एनआरएलएम की विभिन्न थीमों पर प्रकाश डालते हुए कहा ‘संगठन से समृद्धि की ओर—कोई भी महिला पीछे न छूटे, यही हमारा संकल्प है। प्रतिभागियों ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए डॉ.सौरभ कुमार पांडे, प्रशिक्षक संजय कुमार और प्रशिक्षक अमर सिंह को बुके और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ.फूलचंद्र कन्नौजिया, प्रदीप श्रीवास्तव, विनोद सहाय, के.के. मिश्रा, धनंजय सिंह, प्रमोद कुमार, दीप कुमार, राकेश रोशन, दीपक शर्मा सहित जौनपुर जिले के 21 तथा चंदौली जिले के 8 एडीओ आईएसबी शामिल रहे।

Share Now...