जौनपुर धारा, जौनपुर। जनपद में रमजान के पहले ही दिन जुमा होने के कारण भारी संख्या में नमाजियों ने जुमे की नमाज अदा की। मुख्य रूप से अटाला मस्जिद, बड़ी मस्जिद, शिया जामा मस्जिद, शेर की मस्जिद, सराय पोख्ता मस्जिद, किला मस्जिद, मदीना मस्जिद हजरत लुक्का शाह मस्जिद लाल दरवाजा मस्जिद एवं अन्य मस्जिदों में भी नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा। शिया जामा मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना महफुजुल हसन खान ने कहा कि अल्लाह, ईश्वर का शुकराना अदा करते हुए आज हम रमजान उल मुबारक का इस्तकबाल कर रहे हैं और सबको इसके हुकूक को पहचान कर उन्हें हर कीमत पर अदा करना है। इस मुबारक महीने का सबसे पहला हक यह है कि हम इस महीने की ताजीम व एहतेराम का पूरा खयाल रखें। यानी हमारे किसी भी अमल से उसकी अजमत व हुरमत हरगिज पामाल ना होने पाए और यह उस सूरत में मुमकिन है जब हम वाजिबात की पाबंदी करें और हराम बातों से खुद को दूर रखें। रमजान मुबारक महीने का सबसे बड़ा हक यह है कि इबादतें और आमाल जो इस महीने से मखसूस है हम उन्हें हर कीमत पर अंजाम दें और उनको बजा लाने में किसी तरह की कोताही ना करें। रोजा इस महीने की खास इबादत है जो हर उस व्यक्ति पर वाजिब है जिस पर नमाज वाजिब है। यह इबादत साल में सिर्फ एक बार 30 दिनों के लिए इंसान के द्वारा अदा होती है, लेकिन इसके फायदे और इसकी बरकते पूरी जिंदगी के लिए
होती है और मनुष्य को इंसान बनाने में अपना महत्वपूर्ण रोल अदा करती है, इसलिए सभी को रोजा रखना चाहिए। इबादत रोजा के द्वारा समाज से अमीर व गरीब के फर्क को मिटाया जा सकता है। शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली शेख अली मंजर डेजी, प्रवक्ता सैयद असलम नक्वी, सैयद मोहम्मद हसन, हाशिम खान, तालिब रजा शकील एडवोकेट, नासिर रजा गुड्डू एवं अन्य कमेटी के लोगों ने जुमे की नमाज को संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
अकीदत के साथ अदा हुई रमजान के पहले जुमे की नमाज



