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पांच वर्षों तक जौनपुर को टॉप-10 में रखने वाले बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल को भावभीनी विदाई

जौनपुर में लगभग पांच वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल के सीतापुर तबादले पर शिक्षा विभाग ने भव्य विदाई समारोह आयोजित किया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया।
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सिकरारा में भूमि विवाद को लेकर बढ़ा तनाव, कब्जे के प्रयास का आरोप

मामला न्यायालय में विचाराधीन, प्रशासन ने यथास्थिति बनाए रखने के दिए निर्देश

जौनपुर

सिकरारा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा सुरताशापुर, पोस्ट गुलजारगंज स्थित प्रतापगंज बाजार में भूमि विवाद का मामला एक बार फिर चर्चा में है। विवादित भूमि को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे मतभेद के बीच पीड़ित परिवार ने विपक्षी पक्ष पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।

पीड़ित पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित अमरनाथ जायसवाल एवं बैजनाथ जायसवाल का कहना है कि उनके मकान के सामने स्थित आबादी की भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि विपक्षी पक्ष द्वारा पहले भूमि का पट्टा कराया गया और अब उस पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष के कुछ सदस्य प्रभाव का इस्तेमाल कर विवादित भूमि पर निर्माण एवं कब्जे की कोशिश कर रहे हैं।

प्रशासन को दी गई शिकायत

पीड़ित परिवार के अनुसार, इस संबंध में उपजिलाधिकारी मछलीशहर तथा संबंधित लेखपाल को शिकायत दी गई थी। शिकायत के बाद हुई जांच में लेखपाल द्वारा कथित रूप से यह उल्लेख किया गया कि मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण किसी भी पक्ष को विवादित भूमि पर कब्जा अथवा निर्माण कार्य नहीं करना चाहिए।

बताया जाता है कि थाना सिकरारा द्वारा भी दोनों पक्षों को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कब्जे के प्रयास जारी रहने का आरोप

इसके बावजूद पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि विवादित भूमि पर कब्जे के प्रयास जारी हैं, जिससे परिवार को न्याय के लिए विभिन्न अधिकारियों के यहां गुहार लगानी पड़ रही है।

हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। वहीं आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

भूमि विवाद के इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों का कहना है कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण नियमों के अनुसार यथास्थिति बनाए रखना आवश्यक है।

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