- राघव जी की कृपा देश को मिला है धर्मशील प्रशासक
जौनपुर धारा, जौनपुर। बीआरपी इण्टर कॉलेज के मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह के पावन संकल्प से प्रायोजित सात दिवसीय रामकथा के पाँचवें दिन कथा शुरू होने से पहले मुख्य यजमान ज्ञान प्रकाश सिंह ने सपरिवार व्यासपीठ का पूजन किया और भगवान की आरती उतारी। तत्पश्चात कथा शुरू हुई। रावण ने ब्राह्मण कुल में जन्म लिया था और भगवान राम क्षत्रिय कुल में जन्मे थे। कुल तो रावण का श्रेष्ठ था लेकिन जब हम दोनों के व्यवहार की बात करते हैं, आचरण की बात करते हैं, आहार और विहार की बात करते हैं तो रामजी हर मामले में रावण से श्रेष्ठ थे। महाराज ने कहा कि धर्मार्थी ज्ञानप्रकाश सिंह के सौजन्य से ही यह रामकथा सुनाने का सौभाग्य हुआ और उनके प्रयास से ही जौनपुर शहर राममय हुआ। उन्होने कहा कि महर्षि वाल्मिकी की यह शिक्षा मनुष्य को हमेशा याद रखने की आवश्यकता है कि भगवद प्रसाद का रस अपने आप प्राप्त नहीं होता है उसके लिए प्रयास करना होता है। श्रीमहाराज ने कहा कि हर किसी के पास अपनी व्यथा की एक अलग ही कथा है जिसे सुनकर किसी का भी मन विचलित हो जाता है लेकिन जब हम प्रभु की कथा सुनते हैं तो चाहे किसी भी विधि से सुनते हैं तो मन में एक आनंद और नए उत्साह का निर्माण होता है। पूज्य श्रीमहाराज ने कहा कि अगर हम कर्तव्य करते हैं तो अधिकार की प्राप्ति स्वत: ही हो जाती है लेकिन अगर किसी को बिना वजह कुछ प्राप्त हो जाता है तो उसे उसी समय सावधान हो जाने की जरूरत है क्योंकि अनाधिकार कुछ भी जो प्राप्त होता है वह विष के समान है और जीवन में दुख ही दुख प्राप्त होता है। इस मौके पर कुलपति प्रो.वंदना सिंह, पूर्व विधायक हरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ.लीना तिवारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, सेवाभारती के जिलाध्यक्ष डॉ.तेज सिंह, माउंट लिट्रा जी स्कूल के डायरेक्टर डॉ.अरविंद सिंह, राधेश्याम सिंह, विक्रम सिंह प्रतापगढ़, पूर्व सभासद विनय सिंह, आयोग के सदस्य डॉ.आरएन त्रिपाठी सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।



