मुंगराबादशाहपुर। नगर पालिका परिषद के सभासद एवं पेशे से आर्किटेक्ट इंजीनियर उमाशंकर गुप्ता ने नगर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि मुंगरा को आदर्श और मजबूत नगर बनाने के लिए वे “सड़क से सदन तक” हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान इंजी. उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि एक प्रोफेशनल इंजीनियर होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि नगर में होने वाले हर निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वे अपने तकनीकी ज्ञान और अनुभव का उपयोग कर विकास कार्यों को मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में नगर पालिका के अधिकारियों और अभियंताओं को भी उसी सोच के साथ कार्य करना चाहिए।
निरीक्षण में मिली गंभीर खामियां
सभासद ने अपने फील्ड निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को उजागर करते हुए बताया कि कई वार्डों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर सड़क और नाली निर्माण के बाद गड्ढों को मिट्टी की जगह प्लास्टिक और कूड़े-कचरे से भरा जा रहा है।
तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल की जा रही गंगा बालू में अधिक मात्रा में सिल्ट पाई जा रही है, जिससे सीमेंट की मजबूती प्रभावित होती है। इसके अलावा प्रथम श्रेणी की ईंटों का भी मानक के अनुसार उपयोग नहीं किया जा रहा।
जनता के टैक्स के पैसे की जवाबदेही जरूरी
इंजी. गुप्ता ने कहा कि विकास कार्यों में खर्च होने वाला पैसा जनता के टैक्स का है, इसलिए उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और वेंडरों से अपील की कि वे सरकारी निर्माण कार्यों को भी उतनी ही जिम्मेदारी से करें, जितनी निजी निर्माण में करते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वे नगर पालिका अध्यक्ष, सांसद सीमा द्विवेदी और नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा तक हर सही और गलत जानकारी पहुंचाते रहेंगे।
गरीब कन्याओं की शिक्षा पर खर्च करेंगे भत्ता
इस दौरान इंजी. उमाशंकर गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में मिलने वाले मानदेय और भत्ते के बराबर राशि अपनी ओर से जोड़कर नगर की गरीब और जरूरतमंद कन्याओं की शिक्षा पर खर्च करेंगे।
उनकी इस घोषणा के बाद नगर में सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई है और लोगों ने इस पहल की सराहना की है।



