- पीड़ित को न्याय कब मिलेगा एसपी साहब
जौनपुर धारा (रामसरन यादव)
केराकत। स्थानीय थाना केराकत पुलिस की एक घटना ने मानवता को जहां शर्मसार किया है वहीं पर प्रदेश और देश की सरकार के नारे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की धज्जियां उड़ती नजर आई है। वाह रे पुलिस बेटी पर छींटाकसी करने वालों का महिमा मंडन किया और शिकायतकर्ता बेटी के पिता और बेटी को थाने ले जा कर पिता की जी भर के पिटाई कर दिया और हवालात में डालते हुए फर्जी मुकदमा भी ठोंक दिया। पीड़ित पिता पुलिस अधीक्षक तक अपने साथ न्याय की गुहार लगाई है। लेकिन खबर लिखे जानें तक पीड़ित को उच्चाधिकारियों के स्तर से न्याय नहीं मिला है। घटना थाना केराकत की अधीनस्थ चौकी सरकी क्षेत्र की है, अमहित गांव के राजेश पाण्डेय की बेटी कालेज में पढ़ने गयी थी। कालेज से अपने छात्रा सहेलियों के साथ घर लौट रही थी। रास्ते में बसगित गांव के पास कुछ मनबढ़ और दबंग किस्म के युवक बेटियों पर छींटाकसी कर रहे थे। उसी समय राजेश पान्डेय घर से बाजार जा रहे थे। बेटियों पर छींटाकसी का विरोध किए तो युवक मारपीट पर उतारू हो गए और मारपीट कर लिया। घटना की खबर पीड़ित राजेश पाण्डेय ने पुलिस चौकी सरकी को दिया। चौकी इंचार्ज धीरेन्द्र सोनकर दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और दबंगो के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय सीधे पीड़ित राजेश पाण्डेय के उपर बिगड़ गये और पिता सहित बेटी को अपशब्दो से नवाजते हुए दोनो को चौकी पर उठा ले गये। दबंग और बेटी पर छींटाकसी करने वाले युवको को छोड़ दिए। राजेश पाण्डेय और बेटी को चौकी पर ले जाकर अपमानित किया। फिर राजेश पाण्डेय की जी भर के पिटाई करने के बाद हवालात में डालकर मुकदमा ठोंक दिया और धमकी दी कि ज्यादा उड़ोगे तो एससी-एसटी के मुकदमे में फंसा कर जीवन बर्बाद कर दूंगा। पीड़ित राजेश पाण्डेय पुलिस के चंगुल से बाहर आने के बाद पुलिस अधीक्षक सहित वाराणसी परिक्षेत्र एवं प्रदेश के पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियो को आनलाइन शिकायती पत्र भेजते हुए उपरोक्त आरोप के साथ अपने साथ घटित पूरी दास्तान बताते हुए न्याय की मांग किया है। हलांकि की पीड़ित ने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी स्तर से कोई भी अधिकारी उसके साथ न्याय नहीं कर सका है। अब यहां पर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर केन्द्र और प्रदेश सरकार के बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के उस नारे का हश्र क्या होगा। जब पुलिस ही दबंग और मनबढ़ युवको के साथ खड़ी नजर आ रही है। जो बेटियों को पढ़ाई करने जाते समय रास्ते में उनके साथ छींटाकसी और अश्लील हरकते कर रहे है। विरोध करने पर पीड़ित की ही दैहिक समीक्षा पुलिस कर रही है। अब देखना है कि घटना उपरोक्त में पुलिस के अधिकारी न्याय करते है या फिर वह भी दरोगा की डगर पकड़ते है।



