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Dr.Bhim Rao Ambedkar : काली पट्टी बांधकर सपाइयों ने मनाया महापरिनिर्वाण दिवस

  • सिहौली चौराहे से पैदल मार्च कर पहुंचे पार्टी कार्यालय

जौनपुर धारा, केराकत। स्थानीय क्षेत्र के सिहौली चौराहे के समीप स्थित सपा कार्यालय पर भारत रत्न बाबा साहब डॉ.भीम राव आम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय विधायक तूफानी सरोज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता हाथ में काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। इस दौरान विधायक तूफानी सरोज ने सिहौली चौराहे पर स्थित हिंद केशरी अंगनू पहलवान के प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के पश्चात पैदल मार्च करते हुए पार्टी कार्यालय पर आयोजित विचार गोष्ठी कार्यक्रम पहुंच गोष्ठी को संबोधित कर कार्यक्रम को समाप्त कराया। पैदल मार्च के दौरान संविधान विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी, अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी जिंदाबाद के नारों के साथ गूंज उठा सिहौली चौराहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाबा साहब के बारे में बोलना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। वहीं विचार गोष्ठी के अध्यक्षीय सम्बोधन करते हुए नीरज पहलवान ने कहा कि पीडीए के सच्चे नायक के भूमिका में अखिलेश यादव संविधान के सच्चे नायक के रूप में स्थापित हो रहे है। वर्तमान सरकार कभी काशी की बात करती है, कभी मथुरा की बात करती है और अभी संभल की बात करते है मगर विकास की बात नहीं करती है। इस अवसर पर सत्यनारायण यादव, रणजीत चौहान, जालिम सिंह, मजदूर सभा अध्यक्ष केराकत वीरेंद्र कुमार यादव (बीकेडी), शमशेर यादव, गुड्डू चौहान, सुभाष यादव, मोहम्मद रफीक, भानु प्रताप, कमलेश यादव, रामसमुझ यादव समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पवन मंडल ने किया।

  • संविधान को ना मानने वाली सरकार है : तूफानी सरोज

देश भर में बाबा साहब की पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्तमान सरकार संविधान को ना मानने वाली सरकार है। बाबा साहब ने संविधान में शोधित, पिछड़े वंचित को जो हक अधिकार दिया था आज उस हक अधिकार से ये सरकार वंचित करना चाहती है। आज का दिन हम सभी के लिए बहुत ही दुर्भाग्य का दिन है क्योंकि जिस दिन बाबा साहब की मृत्यु हुई थी उसी दिन देश में संविधान की धज्जियां उड़ाते हुए इस मुल्क की सामंतवादी अवसरवादी ताकते मस्जिद ढहाने का काम किया और ढहा करके बताने का काम किया कि हम देश के संविधान को नहीं मानने वाले लोग है।