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पांच वर्षों तक जौनपुर को टॉप-10 में रखने वाले बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल को भावभीनी विदाई

जौनपुर में लगभग पांच वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल के सीतापुर तबादले पर शिक्षा विभाग ने भव्य विदाई समारोह आयोजित किया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने उनके कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया।
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पांच वर्षों तक जौनपुर को टॉप-10 में रखने वाले बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल को भावभीनी विदाई

सीतापुर हुआ तबादला, शिक्षक-कर्मचारी हुए भावुक; बोले— अधिकारी नहीं, परिवार के मुखिया की तरह किया काम

जौनपुर

जनपद की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और नई पहचान देने वाले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल का तबादला सीतापुर जनपद के लिए हो गया है। लगभग चार वर्ष 10 माह तक जौनपुर में सेवाएं देने वाले डॉ. पटेल के सम्मान में डायट सभागार में भव्य विदाई समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मधुलिका अस्थाना ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि प्रीति श्रीवास्तव एवं ज्योति श्रीवास्तव ने स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया।

शिक्षा व्यवस्था को दी नई पहचान

जुलाई 2021 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. गोरखनाथ पटेल ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने और शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया।

उन्होंने केवल कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय गांव-गांव और विद्यालय-विद्यालय पहुंचकर समस्याओं को समझा तथा उनके समाधान के लिए सक्रिय प्रयास किए। छात्र नामांकन बढ़ाने, शिक्षण गुणवत्ता सुधारने और विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं विकसित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

नामांकन अभियान में खुद उतरे मैदान में

सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए चलाए गए नामांकन अभियान के दौरान डॉ. पटेल स्वयं गांवों में पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों से संवाद कर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया और शिक्षकों को भी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।

उनके प्रयासों का परिणाम रहा कि जिले के कई विद्यालयों में छात्र नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

“मैं अधिकारी नहीं, परिवार का सदस्य हूं”

कार्यभार ग्रहण करते समय डॉ. पटेल ने कहा था कि उनके कार्यालय के दरवाजे सभी के लिए खुले रहेंगे। शिक्षकों और कर्मचारियों ने विदाई समारोह में कहा कि उन्होंने पूरे कार्यकाल में इस भावना को व्यवहार में उतारा।

एक शिक्षक ने भावुक होकर कहा कि डॉ. पटेल ने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि वे अधिकारी हैं। उन्होंने हर समस्या को परिवार के सदस्य की तरह सुना और समाधान का प्रयास किया।

प्रदेश में बनाई विशेष पहचान

डॉ. गोरखनाथ पटेल के नेतृत्व में निपुण भारत मिशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ। उनके कार्यकाल में जौनपुर ने कई बार प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार उनके कार्यकाल में जनपद प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ लगातार कई वर्षों तक टॉप-10 जिलों में शामिल रहा।

भावुक हुए डॉ. गोरखनाथ पटेल

विदाई समारोह में भावुक होते हुए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि जब वह जुलाई 2021 में जौनपुर आए थे, तब उन्होंने नहीं सोचा था कि यह जनपद उनके दिल के इतना करीब हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि यहां के शिक्षकों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से मिला स्नेह, सम्मान और सहयोग जीवनभर याद रहेगा। जौनपुर में बिताए गए चार वर्ष 10 माह उनके प्रशासनिक जीवन के सबसे यादगार और संतोषजनक वर्षों में शामिल रहेंगे।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे शिक्षक और अधिकारी

समारोह में समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, विभिन्न जिला समन्वयक, बीएसए कार्यालय के कर्मचारी, एसआरजी, एआरपी, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार शुक्ला, अमित सिंह सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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