जौनपुर धारा, आजमगढ़। शनिवार को जीएसटी विभाग में ब्याज एवं अर्थदण्ड माफी की स्वर्णिम योजना लायी गयी है। इस योजना का लाभ उठाने के लिये संबंधित लाभार्थी व्यापारियों व उ़द्यमियों से लगभग 04माह से पहल की जा रही है और शंकाओं व समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। वैट पीरियड में भी दो बार ब्याज माफी योजना लायी गई थी, किन्तु वैट पीरियड में यह योजना केवल ब्याज तक व कुछ प्रतिशत तक की छूट की सीमा तक सीमित थी। इस बार व्यापारी हित के बारे में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरुप भारत सरकार , सीबीआईसी व जीएसटी कौसिंल में ब्याज व अर्थदण्ड माफी के सम्बन्ध में विचार कराते हुए वर्ष 17-18,18-19 व 19-20 के सम्बन्ध में धारा-73 के अन्तर्गत समस्त ब्याज एवं समस्त अर्थदण्ड माफी की योजना लायी गई। ताकि व्यापरियों को जीएसटी पीरियड के शुरुआत से ही अधिकार भार न पड़े। जीएसटी में एकपक्षीय रुप से न्याय निर्णयन किये जाने के लिये वैट की तरह सर्वोत्तम न्याय एवं विवेक से कर निर्धारण की कार्यवाही न होकर साक्ष्य आगणन के आधार पर न्याय निर्णयन होता है। अत: अधिक कर लगने का कोई प्रश्न नहीं उठता है। ऐसी स्थिति में ब्याज एवं अर्थदण्ड की राशि जो कर की राशि के बराबार या थोडा अधिक ही होती है, को कर की राशि जमा करके लाभ लेने में व्यापारी एवं उ़़द्यमियों के लिये बडी बात है। जिसमें ढिलाई न बरत कर व चौकन्ने होकर शीघ्रातिशीघ्र लाभ उठा लेने हेतु अपील की गई। उक्त योजना का लाभ 31 मार्च 25 तक ही लिया जा सकता है जिसमें कुछ ही दिन शेष बचे हैं।
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31 मार्च तक व्यापारी ले सकतें है जीएसटी योजना का लाभ

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