- मांगे ना माने जाने पर आंदोलन की दी चेतावनी
- मुख्यमंत्री संबोिधत ज्ञापन कुलसचिव को सौंपा
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सामने विश्वविद्यालय शिक्षक संघ 23 सूत्री मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया और मांगे ना माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। शाम को मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन कुलसचिव को सौंप कर धरना समाप्त किया।। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के नेतृत्व में भारी संख्या में गाजीपुर जौनपुर के शिक्षक प्रशासनिक भवन के सामने 11बजे से धरना प्रदर्शन पर बैठ गए और नारेबाजी की। विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ.विजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षको समस्या बर्दाश्त नहीं है, समस्याओं का निदान होना चाहिए। जब तक मांगे नहीं मानी जाती तब तक धरना समय पर होता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को लंबित मांगों को माने शिक्षकों के साथ भेदभाव सरकार बन्द करें। पूर्व अध्यक्ष डा.समर बहादुर सिंह ने ने कहा कि सरकार हठधर्मिता छोड़े और समस्याओं का निदान करें। फुफुक्टा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो.हिमांशु सिंह ने कहा कि अगर मांगे नहीं मानी जाती हैं तो 13 सितंबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पार्लियामेंट तक आयोजित मार्च में शिक्षकों से चलने की अपील किया। महामंत्री डॉ.शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को हिटलरशाही रवैया छोड़कर 23 सूत्री मांगों को मान लेनी चाहिए। इन मांगों में पुरानी पेंशन की बहाली, विज्ञापन संख्या 47 का स्थायीकरण, पीएचडी इंक्रीमेंट, एकल स्थानांतरण की सीमा 1वर्ष करने एवं एनओसी बाध्यता समाप्त करने, नेशनल इंक्रीमेंट लागू करने,बायोमेट्रिक आदेश वापस लेने समेत 23 सूत्री मांगे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी पत्र विश्वविद्यालय में अगर शिक्षक देते हैं। उसकी रिसीविंग जरूर ले, कार्यवाही ना होने पर शिक्षक संघ को अवगत कराएं। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ.राहुल सिंह ने कहा की बर्दाश्त की एक सीमा होती है अगर सरकार शिक्षकों के साथ उचित कदम नहीं उठाती है तो हम लोग ईट से ईट बजा देंगे। प्रो.राकेश कुमार यादव ने कहा कि शिक्षक संघ के साथ सरकार बैठक कर शिक्षक हित में कदम उठाए। जिससे पठन-पाठन में किसी तरह की समस्या ना हो। डॉ.राजबहादुर, डॉ.यदुवंश कुमार, डॉ.रामदुलारे, डॉ.मनोज सिंह, प्रो.प्रकाशचंद पटेल, डॉ.मनोज वत्स, डॉ.नरेंद्रदेव पाठक, प्रो.रमाशंकर सिंह, डॉ.प्रतिभा सिंह, डॉ.रेखा त्रिपाठी, डॉ.इन्द्रजीत सिंह, डॉ.राकेश पांडे, डॉ.जगत, डॉ.विकास मौर्या, डॉ.विनोद, डॉ.तारकेश्वर सिंह, डॉ.प्रवीण सिंह ने संबोधित किया।



