- जिलाधिकारी आवास के समक्ष बैठे धरने पर, बंदियों के वाहन को रोककर जताया विरोध
जौनपुर धारा, जौनपुर। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में सोमवार को अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन सहित पुलिस विभाग और नगर मजिस्ट्रेट के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए शासन से कार्यवाई के लिए मांग पत्र भेजा है। थाना लाइन बाजार क्षेत्र स्थित मतापुर निवासी दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता साहिल का धारा 151 में चालान कर जेल भेजने और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर सोमवार को जिम्मेदार अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन एवं सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दीवानी न्यायालय परिसर के बाहर एवं जिलाधिकारी आवास के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन पर बैठ गये और पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।
नाराज अधिवक्ताओं ने गेट नंबर 3 पर जेल से बंदियों को लेकर न्यायालय जा रहे वाहन को रोकव्ाâर विरोध जताया। अधिवक्ताओं ने डीएम आवास के सामने एवं अंबेडकर तिराहे पर जमकर धरना प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए लगभग साढ़े तीन बजे तक अंबेडकर तिराहे पर प्रदर्शन करते रहे। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र नाथ उपाध्याय की अध्यक्षता एवं मंत्री अनिल कुमार सिंह के संचालन में साधारण सभा की बैठक हुई जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट पर अपराधियों को और भू माफियाओं को संरक्षण देने तथा अधिवक्ताओं को फर्जी मुकदमें में फंसाने के साथ साथ धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया गया। प्रस्ताव के जरिए प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की गई कि सिटी मजिस्ट्रेट के विरुद्ध जांच कराकर उन्हें निलंबित किया जाये। अधिवक्ता संघ का कथन है कि जब तक सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती तब तक आंदोलन चलता रहेगा। मंगलवार 8 अगस्त से आन्दोलन को और तेज धार दी जाएगी। धरना प्रदर्शन में अधिवक्ता संघ के पूर्व मंत्री सुभाष चंद्र यादव, रमेश सोलंकी, प्रेमनाथ पाठक, राजकुमार यादव, अश्वनी मिश्र, अजीत सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, मोहम्मद उस्मान, पंकज श्रीवास्तव, विनय सिंह, रण बहादुर यादव, राजनाथ यादव, शहंशाह हुसैन, अवनीश चतुर्वेदी, विकास तिवारी, आनंद गुप्ता, विनय उपाध्याय, धीरेंद्र उपाध्याय, गोरख श्रीवास्तव, मंजीत कौर, मंजू शास्त्री आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।




