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Homeअपना जौनपुरसहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विकास की रफ्तार

सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विकास की रफ्तार

जौनपुर। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के सहकार से समृद्धि संकल्प को मजबूत करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी सहकारी प्रबंध संस्थान, लखनऊ के तत्वावधान में विकास भवन के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इसमें नवगठित बहु उद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सत्र का संचालन सत्र संयोजक अभिषेक तिवारी द्वारा किया गया, जिन्होंने सहकारिता की भावना, ग्रामीण संसाधनों के उपयोग, आधुनिक व्यवसाय मॉडल, डीपीआर एवं बीपीडी के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि यदि समितियाँ पारदर्शी प्रबंधन के साथ नवाचार अपनाएँ तो एमपीएसीएस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाली सबसे बड़ी शक्ति बन सकती हैं। कार्यक्रम में विभागीय मार्गदर्शन हेतु सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता विभाग बृजेश कुमार पाठक ने सहकारिता की प्रशासनिक प्रणाली, उत्तरदायित्व, सदस्य सहभागिता एवं लेखा संधारण की महत्ता समझाई। साथ ही जिला सहकारी बैंक लि.जौनपुर के सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी  आशुतोष त्रिपाठी ने समितियों को बैंकिंग सहयोग, ऋण सुविधा, पूंजी निवेश तथा योजना ओं के लाभ हेतु आवश्यक दस्तावेजीकरण पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सही तरीके से तैयार डीपीआर एवं बीपीडी के माध्यम से समितियाँ बैंक ऋण एवं सरकारी अनुदान योजनाओं का लाभ सरलता से प्राप्त कर सकती हैं। कार्यक्रम में एडीसीओ रजनीश पांडेय, अंकित काबरा, आशीष कुमार सिंह, एडीओ(सी) भूपेंद्रनाथ सिंह, विपिन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह एवं लेखाकार सुशील मौर्य सहित अन्य उपस्थित रहे।

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