- सरकार द्वारा जारी नियम कानून ही लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ दिलाने में बन रहा बाधक
जौनपुर धारा, सिकरारा। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना जिसके तहत केंद्र की मोदी सरकार गरीबों व आम मध्यम वर्गीय परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के तहत रू.500000 का निःशुल्क इलाज करवाने का वायदा कर रही है, वहीं अभी भी सरकार के तमाम अभियानों के बावजूद आज अधिकांश पात्र लोग उक्त योजना के लाभ से वंचित है। उक्त योजना के बारे में बताया जाता है कि जिसका नाम राशन कार्ड में दर्ज है और मुखिया सहित 6 लोग या अधिक हैं उन्हीं का आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा और जिस परिवार में छह लोग से कम लोगों का नाम राशन कार्ड में है यानी 5 या 4 है, तो उनका कार्ड नहीं बनाया जाएगा। सिकरारा क्षेत्र के गुलजारगंज बाजार स्थित रामलीला मैदान में इसी आयुष्मान भारत योजना के तहत मंगलवार को एक कैम्प का आयोजन बुधवार को दिन में 11:00 बजे किया गया। जिसमें क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता की टीम के साथ कुछ स्थानीय भाजपा के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। जहां पर देखा गया कि सरकार के उक्त नियम कानून की वजह से अधिकांश लोग निराश होकर कैम्प से वापस बिना नामांकन कराए लौट गए। जिसमें शासन प्रशासन द्वारा जारी कायदा कानून की वजह से तमाम पात्र लोग आयुष्मान योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे। सबसे बड़ी बात यहां यह है कि जिसका सीमित परिवार है और जिसके परिवार में मात्र दो, तीन और चार सदस्य है, जिनके हालात बदतर है। ऐसे में उनके लिए सरकार का यह आयुष्मान योजना का लाभ उन्हें नहीं मिल पाएगा। एक तरफ सरकार हम दो, और हमारे दो, का नारा दे रही है, तो दूसरी तरफ राशन कार्ड में अंकित 6 सदस्य कम से कम के निर्धारण पर आयुष्मान कार्ड हर जगह बनाने के लिए आदेश जारी किया है। यह बात समझ से परे है। सवाल यह भी है कि जिस आयुष्मान योजना का ढिंढोरा सरकार गरीबों व मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए पिटवा रही है, तो सबको पूर्ण रूप से लाभ कहां मिल पा रहा है। रोजमर्रा की जिंदगी गुजार रहे लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड वरदान के रूप से कार्य कर रहा है। लेकिन वहीं 6 संख्या की बध्यता लोगों को इस योजना से वंचित कर रही है। योजनाओं का लाभ यदि सभी को मिलता तो कम से कम परिवार में किसी का तबीयत खराब होने पर उन्हें इधर-उधर पैसों की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। आज के महंगाई की दौर में रोजमर्रा की जिंदगी गुजार रहे लोगों के लिए तो दो वक्त की रोटी बड़े ही मुश्किल से नसीब हो पाती है। वह भला महंगे हॉस्पिटलों में इलाज कैसे कर व करा पाएंगे। आयुष्मान भारत योजना के नियम कानून के बारे में जानकारी हेतु जब जिले के एडिशनल सीएमओ आयुष्मान स्वास्थ्य योजना डॉ.राजीव कुमार से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क साधा गया, तो कई बार रिंग बजा लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। फिलहाल उपरोक्त मामले पर शासन प्रशासन को ध्यान देते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अगर सबको आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड का लाभ देना है तो राशन कार्ड के आंकड़े से हटकर कार्य करना होगा, नहीं तो अधिकांश पात्र लोग इस योजना के लाभ से वंचित ही रह जाएंगे।



