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हैप्पी मॉडल स्कूल में मिशन शक्ति जागरूकता कार्यक्रम

मुंगराबादशाहपुर के हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में थाना पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने छात्राओं से छेड़छाड़ या उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर शिकायत करने की अपील की।

E-Paper 10-10-2026

Homeअपना जौनपुरसंस्कृति की मजबूती से भारत बन सकता है विश्वगुरु : अभय

संस्कृति की मजबूती से भारत बन सकता है विश्वगुरु : अभय

  • दिन, माह की सटीक गणना का आधार पंचांग : प्रो. निर्मला एस. मौर्य
  • भारतीय कालगणना और वैज्ञानिक आधार विषय पर हुआ व्याख्यान

जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भइया के आर्यभट्ट सभागार में वृहस्पतिवार को भारतीय कालगणना और वैज्ञानिक आधार विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण प्रमुख अभय ने कहा कि भारत देश पर कई विदेशी आक्रांताओं ने आक्रमण किया किन्तु भारत ने कभी पराजय स्वीकार नहीं की बल्कि वह संघर्ष करता रहा। भारत को फिर से विश्वगुरु के रूप में आने के लिए अपनी संस्कृति को मजबूती से अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि जो भी आक्रांता आए वे देश में तो रहे हमारी संस्कृति को खत्म करने के चक्कर में उसमें विलीन होते गए। उन्होंने इस संबंध में शक, कुषाण समेत कई धर्म के लोगों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय कालगणना को अगर देखा जाय तो वह सभी विदेशी कालगणनाओं की तुलना में सबसे अधिक परिशुद्ध और पुरातन है। उन्होने सभी सिक्षकों एवं विद्यार्थियों से सरकारी कार्यों को छोड़कर निजी जीवन में भारतीय कालगणना को अपनाने की अपील की। उनका मानना है कि पैमाना बदलकर देश की संस्कृति को पीछे किया गया लेकिन हमारी परंपराओं ने काल गणना को संरक्षित किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहा काल गणना ब्रह्मांड में स्थित सूर्य, चंद्रमा के आधार पर की जाती है। इसी आधार पर भारतीय पंचांग का निर्माण होता है। दिन, महीने की गणना का आधार भारतीय कैलेंडर यानी हमारा पंचांग ही है। हम वास्तु की ओर फिर से लौट रहे है। उन्होंने कहा कि समाज इसी गणना से समुचित ढ़ंग से चल सकता है। उन्होंने हिंदी मास और भाष्कराचार्य के गणित के क्षेत्र में योगदान की भी विस्तार से चर्चा की। अतिथियों का स्वागत प्रज्ञा प्रवाह के विभाग संयोजक संतोष त्रिपाठी एवं विषय प्रवर्तन कार्यक्रम संयोजक एवं निदेशक वैदिक प्रबंध अध्ययन केंद्र प्रो. अविनाश पार्थडीकर ने किया। कार्यक्रम संचालन प्रज्ञा प्रवाह के जिला संयोजक डॉ. कीर्ति सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अजय द्विवेदी ने किया। इस मौके पर ब्रह्मेश शुक्ल, अवधेश पाण्डेय, आलोक, श्रीप्रकाश सिंह, मनोज तिवारी, ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, संजीव सिंह कुतवन, शैलेंद्र निषाद, शिवनारायण पाठक, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. बीडी शर्मा, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. रसिकेश, डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमित वत्स, डॉ. इंद्रेश कुमार, डॉ. शशिकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।