Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरशब्बेदारी में जुटी मशहूर अंजुमने, रातभर हुआ नौहा मातम

शब्बेदारी में जुटी मशहूर अंजुमने, रातभर हुआ नौहा मातम

जौनपुर धारा, जौनपुर। शीराज-ए-हिंद की गंगा-जमुनी तहजीब को अपने दामन में समेटे और हिन्दू-मुस्लिम एकता की प्रतिक अंजुमन जाफरिया के तत्वावधान में स्थानीय कल्लू मरहूम के इमामबाड़े में कर्बला के प्यासे शहीदों की याद में कदीम तरही शब्बेदारी रविवार को सम्पन्न हुई। शब्बेदारी में दूर-दराज से आये हुए सोगवारों ने लगातार मातम कर आंसुओं का नजराना इमाम हुसैन को पेश की। इस दौरान कर्बला की याद में लोगों की आंखें नम हो गई। शब्बेदारी में मशहूर अंजुमनों के साथ नगर की विख्यात अंजुमनों ने नौहों व मातम का नज़राना पेश किया। शब्बेदारी में मुख्य अतिथि सोशल रिफॉर्मर अम्बर फाउंडेशन के चेयरमैन वफ़ा अब्बास नगरामी ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा की इस्लाम धर्म में एखलाक इंसानियत इल्म को अधिक महत्व दिया गया है ऐसे में समाज के सभी लोगो को शिक्षित होकर देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देना है। इसी कड़ी में अंबर फाउंडेशन तीन सौ छात्राओं को शिक्षित करने के उद्देश्य से आईएएस और पीसीएस बनाने के लिए प्रâी कोचिंग की व्यवस्था करा रही जिसका नाम कलेक्टर बिटिया दिया गया है। इसमे हर धर्म के बच्चियों को शामिल होकर देश की तरक्की और मुख्य धारा से जुड़ने की अपील की। वही इस इलाके के गरीबो की आँखों का चश्मा मोतियाबिन्द ऑपेरेशन करवाने की भी बात कही। शब्बेदारी की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना नसीर आजमी ने कहा कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन ने जो कर्बला में शहादत दी है। मजलिस के बाद शबीहे ताबूत बरामद हुआ जिसके हमराह अंजुमन जवादिया बनारस, ज़िनतुल अज़ा सुलतानपुर, आबिदिया फैज़ाबाद, नासेरूल अज़ा कोराली इलाहाबाद, सज्जादियां सुल्तानपुर के साथ नगर की कई अंजुमनों ने नौहा व मातम किया। अन्त में अन्जुमन जाफ़रिया के अध्यक्ष नजमुल हसन नजमी ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। संचालन जाहिद कानपुरी एवं बिलाल हसनैन ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर नजमुल हसन नजमी, मास्टर वसीम, ताबिश ज़ैदी, मीनू खान, बिका, मोनू, शहनवाज खान, आरीज़ जैदी, शकील खान, महताब अली, नदीम मिर्ज़ा, राज मिर्ज़ा सहित भारी संख्या में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के अकीदतमंद मौजूद रहे।