- जफराबाद के समोपुर गांव का मामला
- 31 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी विवाहिता की मौत
- तीन दिन में पुलिस को मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश
जौनपुर धारा, जफराबाद। जलालपुर क्षेत्र के हौज मुरारपुर गांव में बीते 31 मार्च को एक विवाहिता की मौत हुई थी। महिला की मौत को संदिग्ध बताया जा रहा था। महिला की भाभी ने महिला की हत्या कर शव जलाकर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए जलालपुर थाने पर उस समय तहरीर दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। मृतका की भाभी शीला देवी पत्नी दारा चौहान निवासी पलिया शम्भूपूर थाना बड़ागांव वाराणसी ने न्यायालय में वाद दाखिल कर मुकदमा दर्ज करने की अपील किया। न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि मेरी ननद शीला की शादी सदन चौहान पुत्र दूधनाथ चौहान निवासी समोपुर खुर्द थाना जफराबाद के साथ हुई थी। सदन के बड़े भाई मदन अपने गांव के कोटेदार है। दबंग किस्म के व्यक्ति है। सदन चौहान का अपनी भाभी के साथ काफी दिनों से नाजायज संबंध था। इसका विरोध सदन की पत्नी शीला जब करती तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। सदन की भाभी सिमिरता देवी अपने देवर को अपने जाल में फंसाकर उसके हिस्से की जगह जमीन आदि को अपने नाम लिखाने की फिराक में रहती थी। शीला लोगों से कहती थी कि जगह जमीन बांटकर मेरे नाम कर दीजिए। परन्तु सदन, मदन, सिमिरता व अन्य परिवार के लोग जमीन नहीं दे रहे थे। 31 मार्च को सदन चौहान, मदन चौहान, सिमिरता देवी, अतुल चौहान, बीरू चौहान तथा धर्मबीर चौहान, बबलू ने घर के भीतर ही शीला देवी की हत्या कर दिया। साक्ष्य मिटाने के इरादे से शीला देवी के शव को जला दिया था। आरोप लगाया कि शीला देवी की हत्या मदन चौहान के घर पर की गई थी तथा उसकी लाश को समोपुर से बाइक से मदन के जलालपुर क्षेत्र के बाबा बाजार स्थित मकान पर ले आया गया। वहां से बोलेरो से रामघाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। शीला की मृत्यु तथा लाश जला देने की कोई जानकारी किसी गाँव वालों को नहीं दी गयी। वादिनी के अनुसार एक अप्रैल को मदन चौहान ने मोबाइल से जानकारी दिया कि तुम्हारी ननद की तबियत ज्यादा खराब है आकर देख लीजिए। जब हम लोग वहां पर पहुँचे तो शीला देवी नहीं मिली। पूछने पर मदन ने बताया कि शीला की बीती रात को मृत्यु हो गयी। रात को का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस पर वादिनी विरोध करने लगी। मौके पर मारपीट व झगड़ा हुआ। सूचना पर 112 डायल पुलिस भी पहुंच गयी थी। जलालपुर की पुलिस को सूचना दी गयी तो वह मुकदमा दर्ज नही किया। घटना स्थल को लेकर इधर उधर की बात कर मामले को टाल दिया गया। कोर्ट ने वादिनी के प्रार्थनापत्र पर थानाध्यक्ष जफराबाद राजाराम द्विवेदी को आदेश दिया कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करें। साथ ही अगर जांच में वादिनी के आरोप गलत हो तो उस पर धारा 182 के तहत मुकदमा दर्ज करें। थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।



