जनपद सहारनपुर की लड़कियां खेल के क्षेत्र मे लगातार सफलता प्राप्त कर रही हैं. जिससे जनपद का नाम सुर्खियो में है. जनपद की लेबर कॉलोनी निवासी नंदिनी शर्मा ने बॉक्सिंग में जिले का नाम रोशन किया है. उत्तराखंड के काशीपुर में आयोजित खेलो इंडिया जूनियर गर्ल्स एंड यूथ वुमेन ओपन बॉक्सिंग प्रतियोगिता में नंदिनी ने अपने भार वर्ग में कांस्य पदक जीत कर सबको हैरान कर दिया. नंदिनी की सफलता से जहां परिवार अपार खुशी से झूम उठा, वहीं जिले के खेल प्रेमियो ने नंदिनी व उनके परिवार को शुभकामनाएं दी. नंदिनी के पिता की खुशी का ठिकाना नहीं है. नंदिनी की बहन भी बॉक्सिंग में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी है.
बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 10 राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था. नंदिनी शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड के काशीपुर में आयोजित बॉक्सिंग प्रतियोगिता 30 नवंबर से 5 दिसंबर तक खेली गई. नंदिनी ने प्रतियोगिता के 70 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीत कर सफलता हासिल की औऱ अपने जनपद व परिवार का नाम रोशन कर दिया. मध्यम वर्गीय परिवार से तालूक रखने वाली नंदिनी की बड़ी बहन तान्या शर्मा भी राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी है. तान्या ने भी राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए मैडल जीते. उसी नक्शे कदम पर चलते हुए नंदिनी ने भी खेल के क्षेत्र में अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाया. बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने वाली नंदिनी के पिता पवन शर्मा जनपद में ही मंडी में प्राइवेट नौकरी करते हैं, जबकि मां भारती शर्मा एक गृहणी है. नंदिनी ने बताया कि उनके पिता ने दोनों बहनों को पूरा सहयोग देते हुए हौसला बढ़ाया. नंदिनी की सफलता पर पिता पवन शर्मा व माता भारती शर्मा ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. उन्होंने कहा कि बेटे औऱ बेटियों मे अंतर समझने का जमाना चला गया. बेटियां अवसर मिलने पर परिवार का नाम बुलंदियो पर ले जाती है. माता पिता की इच्छा है कि बेटी अंतराष्ट्रीय स्तर पर मैडल जीतक कर देश का नाम रोशन करे. बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जितने वाली नंदिनी शर्मा ने कहा कि उनका लक्ष्य राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए देश के लिए मेडल जीतना है. जनपद के जेवी जैन डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही नंदिनी शर्मा ने बताया कि उसे बचपन से ही मारधाड़ करना पसंद है. इसलिए उसने बॉक्सिंग को चुना. उन्होंने बताया कि गुरुनानक इंटर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही बॉक्सिंग का अभ्यास शुरू कर दिया था. जिसमे माता पिता के अलावा कोच का भी पूरा स्पोर्ट रहा. उसी का परिणाम है कि प्रतियोगिता में पदक जीत कर सफलता मिली. नंदिनी ने बताया कि समय समय पर वह अपनी बड़ी बहन तान्या शर्मा से भी खेल के विषय में जानकारी साझा करती रहती है. इसके अलावा नंदिनी बैडमिंटन का खेल भी जूनियर नेशनल खेल चुकी है.



