- लाखों के भ्रष्टाचार से बना शौचालय, लगा रहा ताला खुले में शौच जाने पर मजबूर हुई महिलायें
जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गिरधपुर गांव में तीन दिवसीय ऐतिहासिक भेलहिया मेला में दूर दराज से आए दुकानदारों ने अपनी दुकान लगाई थी यह लगभग 100वर्षों से पहले से ऐतिहासिक भेलहिया मेला लगता है। वही गिरधपुर में बने सामुदायिक शौचालय मे ताला बंद होने से भेला पीने के लिए आए हुए लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ा।
बता दें कि गिरधरपुर में 100वर्षों से अधिक पहले लगने वाला ऐतिहासिक भेलहिया मेला मे दूर दराज से आए हुए लोगों ने भेला पिया वही गिरधरपुर गांव में मेले के मैदान में कई लाखों रुपए का बना सामुदायिक शौचालय मे ताला लटका रहा दूर दराज से आए हुए लोगों को खुले में शौच करना पड़ा।
सूत्रों से पता चला है कि मेले में आए हुए महिलाओं को खुले शौच जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा हर लोगों के जुबान पर शौचालय के लिए पुलिस प्रशासन से शिकायत की लेकिन ताला नहीं खुला कुछ महिलाओं ने कहा कि बाहर से शौचालय बन तो गया है लेकिन अंदर कोई सुविधा नहीं है इसलिए ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव ने मेले में नहीं खुलवाया शौचालय। लाखों का भ्रष्टाचार: कई सामुदायिक शौचालयों का निर्माण मे कई लाख रुपये की लागत से हुआ है, लेकिन वे बंद पड़े हैं और रखरखाव के नाम पर केवल कागजों में खर्च दिखाया जाता है। ग्राम प्रधानों और अन्य अधिकारियों की लापरवाही के कारण शौचालय वर्षों से बंद पड़े हैं, और स्थानीय लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। सार्वजनिक शौचालय पिछले सालों से बंद पड़ा है। गांव के लोग मजबूरी में खुले में शौच करने को विवश हैं। कई महिलाएं और बुजुर्ग अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय खुलना चाहिए और साफ-सफाई व पानी की व्यवस्था करानी चाहिए। प्रधान और पंचायत अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। केवल कार्य कागज की पूर्ति हो रही है।



