जौनपुर। ईश्वर सभी प्राणियों के हृदयवेश में निवास करते हैं। भक्ति भाव प्रेम से प्रकट होते हैं। भक्ति के लिए समर्पण श्रद्धा विश्वास आवश्यक है। उक्त बातें परमहंस स्वामी अड़गड़ानन्द महाराज के शिष्य नारद महाराज ने रामनगर के रानीपुर गांव में श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने आगे बताया कि रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसी दास जी ने नौ प्रकार से भक्ति का सुंदर निरूपण किया है। नौ में से किसी के पास एक भी है तो वह ईश्वर को प्राप्त कर सकता है। शबरी जंगल में रहती थीं। उनके गुरु ने उनसे कहा था कि एक दिन राम आएंगे तुम्हें उनका साक्षात दर्शन होगा। गुरु की बात पर अटल विश्वास करके सबरी श्रद्धा भक्ति से रोज रास्ते में फूल बिछाती थी। उसने यह क्रम छोड़ा नहीं। लोग उपहास भी करते थे लेकिन प्रेमपूर्वक अपने गुरु के वचन पर दृढ़ रही। परिणामस्वरूप उनके भाव के कारण राम को आना पड़ा। प्रेम के कारण जूठे बैर भी राम ने खाया। यथार्थ गीता पढ़ो। सुबह-शाम ओम, राम अथवा शिव का जाप करो। ईश्वर कल्याण करेंगे। इस अवसर पर आचार्य विनय दुबे, प्यारे लाल शर्मा, मोहन लाल यादव, बैजनाथ प्रजापति सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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बिजली के पोलों से हटाया गया केबल और वाई-फाई तारों का जंजाल
जौनपुर के व्यस्त बाजारों में बिजली के पोलों पर लटकी बंद केबल और अनुपयोगी वाई-फाई तारों को विद्युत विभाग ने अभियान चलाकर हटाया। विभाग की कार्रवाई से बारिश के दौरान करंट उतरने और हादसे की आशंका कम होने की उम्मीद है।
भक्ति भाव से मिलते हैं भगवान : नारद महाराज

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