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ब्रह्मा बाबा ने स्वयं को त्याग तपस्या के बल पर विश्व कल्याण की भावना के बोए बीज : अनीता दीदी

अव्यक्त दिवस के रूप में मनाई ब्रह्मा बाबा की पुण्यतिथि

जौनपुर धारा, मुंगराबादशाहपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरी विश्वविद्यालय मोहल्ला प़़ड्डी में स्थित ‘तपस्याधाम’ में संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की पूर्ण स्थिति अव्यक्त दिवस के रूप में मनाई गई। विश्व शांति के लिए अखण्ड योग किया गया। संस्था के सभी भाई बहनों ने ब्रह्मा बाबा के स्मृति चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। मुख्य अतिथि प्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता ने ब्रह्मा बाबा के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के दौरान कहा कि संस्था के भाई-बहनों के जीवन से सादगी एवं पवित्रता का अनुभव होता है। संस्था का हर सदस्य अपने श्रेष्ठ जीवन से लोगों को प्रेरित करता है। विशिष्ट अतिथि उप निरीक्षक राकेश राय ने कहा कि ब्रह्माकुमारी विश्व में एक अद्वितीय संगठन है। यह संस्था जीवन जीने की कला सिखाती है। संस्था की संचालिका राजयोगिनी अनीता दीदी ने बताया कि ब्रह्मा बाबा ने स्वयं को त्याग, तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति बनाकर मनुष्यों के हृदय में विश्व कल्याण की भावना की बीज बोए। उन्होंने वर्ष 1937 में ओम मण्डली नामक संस्था बनाकर अपनी संपूर्ण अर्जित संपत्ति को समर्पित कर दिया। यह संस्था 5 मई 1950 को माउंट आबू राजस्थान में स्थानांतरित हुई। विश्व शांति सद्भावना व मानवी मूल्य की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस संस्था को 1987 में अंतरराष्ट्रीय शांति दूध के पुरस्कार से सम्मानित किया था। उन्होंने बताया कि ब्रह्मा बाबा ने 18 जनवरी 1969 को अपनी देह का परित्याग करके संपूर्णता की स्थिति को प्राप्त किया था। हेड कांस्टेबल संजीव सिंह, रजनी, दीपा, ज्योति, ममता, छाया, लक्ष्मी, मीरा, किरन, पुष्पा, शारदा, संजीव, संगीता, कुसुम, शिवानी, विकास, संतोष, शिव चरन, राजमणि व शुभम आदि लोग मौजूद रहें।

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