Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरबजट किसानों, युवा, महिला शक्ति को समर्पित : प्रो.मानस पांडेय

बजट किसानों, युवा, महिला शक्ति को समर्पित : प्रो.मानस पांडेय

  • प्रबंध अध्ययन संकाय में शिक्षक-विद्यार्थियों ने की बजट पर चर्चा

जौनपुर धारा,जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग में केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण देखा गया। जिसमें शिक्षकों एवं विधार्थियों ने मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर विस्तार से चर्चा की। पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो.मानस पांडेय ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं एवं महिला शक्ति को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इस बार रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें सरकार ने 500बड़े उद्योगों में इंटर्नशिप अनिवार्य करके युवाओं को उद्योग के प्रति स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है। दीर्घकालीन अर्थव्यवस्था के संचालन हेतु बजट में उठाए गए समग्र कदम दूरगामी परिणाम देने वाले हैं। विभाग के शिक्षक डॉ.आशुतोष कुमार सिंह ने बजट में स्लैब रेट में परिवर्तन की उम्मीद व्यक्त की थी, जो अपेक्षित रूप में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि डिडक्शन में परिवर्तन 50 हजार से 75 हजार किया गया। जो आम आदमी के लिए बहुत फायदेमंद नहीं है। इसे एक लाख तक किया जाना चाहिए। शिक्षक अंजनी कुमार मिश्र ने बजट में रोजगार के अवसरों में वृद्धि को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे गरीब, युवा और किसान को नौकरी में लाभ के अवसर बढ़ेंगे। शिक्षक डॉ.रोहित पाण्डेय ने बीकॉम ऑनर्स के छात्रों के साथ पेंशनभोगियों के लिए डिडक्शन के आंकड़े को 15हजार से बढ़ाकर 25हजार करने की चर्चा की। उन्होंने बजट में मुख्य रूप से कृषि और बाढ़ की समस्याओं के समाधान के लिए और भी धनराशि सरकार को देनी चाहिए। शोध छात्र नितिन चौहान ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024-25 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि 1.52लाख करोड़ रुपये की राशि महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए आवंटित की गई है। इसके साथ ही, शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस अवसर पर डॉ.निशा पांडेय, डॉ.सुनील कुमार सिंह, शशिकांत मौर्य, उत्सव सिंह, नितीन सिंह, मुहम्मद तबीज, सुजीत कुमार, फरान अख्तर, गौरी सेठ, सलोनी साहु आदि ने भी विचार व्यक्त किए।