- जनप्रिय नेता की मौत से मर्माहत साथी ने भी छोड़ा प्राण
- दो शव एक साथ निकलें लोगों की आंखें हुई नम
जौनपुर धारा, शाहगंज। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता का वाराणसी में एक निजी चिकित्सालय में रविवार रात सवा बारह बजे मृत्यु हो गया। मृत्यु की खबर जैसे ही उनके साथी विजय मोदनवाल को हुआ हृदयाघात के चलते उनकी भी मौत हो गयी। सोमनाथ सुबह दोनों की अंतिम यात्रा साथ निकाली गयी। अंतिम यात्रा में जन सैलाव उमड़ पड़ा। पूरे नगर में जाम की स्थिति बनी रही। शव यात्रा में शामिल लोगों की आंखें छलक उठीं। क्षेत्र के बड़े नेताओं में सुमार अक्खड़ सियासी, ईमानदार, प्रखर वक्ता, संगीताचार्य, सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य रहे जय प्रकाश गुप्त वर्ष 1995 में भाजपा के टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हुए। सीट आरक्षित होने पर 2000 में पत्नी सुमन गुप्ता पुनः भाजपा की टिकट अध्यक्ष बनीं। भाजपा से टिकट न मिलने पर भी पूर्व अध्यक्ष मैदान में डटे रहे। लेकिन सफलता नहीं मिली। पूर्वी कौड़ियां निवासी 68वर्षीय पूर्व अध्यक्ष के हर पल साये की तरह साथ रहने वाले अलीगंज मोहल्ला निवासी मित्र 58वर्षीय विजय मोदनवाल अपने परम सखा की मृत्यु बर्दाश्त न कर सके। खबर मिलते ही विजय की तबीयत भी बिगड़ने लगी। जौनपुर ले जाने के दौरान गोरारी में ही इनकी भी मौत हो गई। दोनों लोगों की शवयात्रा साथ साथ नगर भ्रमण किया। इस दौरान पूरा नगर जाम रहा। दो सखा की अंतिम यात्रा साथ देख लोगों की आंखें छलक उठीं। वहीं रामघाट पर साथ ही अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सियासी ताना-बाना तोड़ सभी दलों समेत सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के लोग एवं जन सैलाव उमड़ा रहा।


