Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

जौनपुर महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम

युवाओं व दिव्यांगजनों को मिली नई ताकतजौनपुर। ऐतिहासिक शाही किला में आयोजित जौनपुर महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सम्मान समारोह और जनकल्याणकारी योजनाओं...
Homeउत्तर प्रदेशपिछले जन्म की दुश्मनी निभा रहा सांप

पिछले जन्म की दुश्मनी निभा रहा सांप

  • वृद्ध को 12 बार काटा, पढ़ें पुनर्जन्म की अनोखी कहानी

झांसी. पुनर्जन्म में लोगों को भरोसा भले ही ना हो, लेकिन यदा-कदा कुछ ऐसा हो जाता है, जिसके बाद पुनर्जन्म की कहानी पर यकीन होने लगता है. झांसी से ही एक ऐसी पुनर्जन्म की हैरतअंगेंज कहानी सामने आई है, जिसमें दो सगे भाइयों का झगड़ा हुआ. दोनों ही भाइयों की हत्या कर दी गई. इसके बाद एक भाई का जन्म इंसान के तौर पर तो दूसरे भाई का जन्म सांप के रूप में होने का दावा किया जा रहा है.

झांसी मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर  चिरगांव थाना क्षेत्र के पट्टी कुमहर्रा गांव में जब एक बुजुर्ग को सांप ने 12 बार काटा, इसके बाद गांव में डर का माहौल बन गया. 30 साल की उम्र में इस शख्स को पहली बार सांप ने काटा था. इसके बाद लगातार सांप के काटने का सिलसिला चलता रहा. दावा किया जा रहा है कि इस बुजुर्ग को अब तक सांप ने 12 बार डसा है. दवा यह भी किया जाता है कि जिस बुजुर्ग को सांप काटता था उसे पहले सपना आता था कि आज सांप काटेगा और अगले दिन बुजुर्ग को सांप काटता भी था.

गांव के रहने वाले सीताराम अहिरवार सांप की दहशत के साए में जीवन यापन करने के लिए पिछले कई दशक से मजबूर हैं. सीताराम अहिरवार की जान का दुश्मन एक काला नाग बना हुआ है. हर साल या 2 साल के अंतराल पर काला नाग सीताराम को डस लेता है. जिसके बाद सीताराम उपचार के साथ-साथ गांव के ही मंदिर में जाकर झाड़ फूंक करवा कर खुद की जान बचाते चले आ रहे है. बुजुर्ग सीताराम अहिरवार दावा करते हुए बताते हैं कि उनकी जान का दुश्मन एक सांप बना हुआ है जो उससे बदला लेना चाहता है. सीताराम अहिरवार यहां तक दावा कर चुके हैं कि जो सांप उन्हें डस रहा है, दरअसल वह पिछले जन्म में उनका छोटा भाई था. दोनों भाइयों की आपस में लड़ाई हुई इसके बाद दोनों की हत्या कर दी गई. अब छोटा भाई सांप के रूप में जन्म ले चुका है और उनकी जान का दुश्मन बना हुआ है. ग्रामीण सीताराम अहिरवार की झाड़फूंक करने वाले शख्स शिरोमणि सिंह बुंदेला का दावा है कि जैसे ही यह सूचना मिली कि किसी सांप ने सीताराम को काट लिया है. इसके बाद सीताराम को ठीक करने के लिए मंदिर में लाया गया. झाड़फूंक के दौरान बुजुर्ग सीताराम में अचानक कोई शक्ति आ जाती है. वो शक्ति खेलकर बताती है कि जो सांप सीताराम को काट रहा है, दरअसल वह सांप पूर्व जन्म में सीताराम का छोटा भाई था. सीताराम से खुद की हत्या किए जाने का बदला लेने के लिए पुनर्जन्म में सांप बनकर लगातार बड़े भाई सीताराम को काटकर उसको मौत की नींद सुलाना चाहता है.

Share Now...