जौनपुर धारा,वाराणसी। सुभाष नगर लमही क्षेत्र में तुर्की और पाकिस्तान के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान तुर्की द्वारा पाकिस्तान का समर्थन किए जाने को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने गहरा आक्रोश जाहिर किया। रविवार को विशाल भारत संस्थान के नेतृत्व में मुस्लिम नागरिकों ने तुर्की और पाकिस्तान की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनके उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों ने नेताजी सुभाष मंदिर से शव यात्रा निकालते हुए ‘तुर्की-पाकिस्तान मुर्दाबादÓ के नारे लगाए। शवयात्रा का नेतृत्व मुस्लिम धर्मगुरु अफसर बाबा कर रहे थे, जो पाकिस्तान के अंतिम संस्कार के प्रतीक स्वरूप हड़िया लेकर चल रहे थे। वहीं शहाबुद्दीन उर्फ जोसेफ तिवारी तुर्की के प्रतीकात्मक शव के साथ आगे बढ़े। प्रदर्शन के दौरान अफरोज नामक युवक ने कहा कि आतंकवादियों का साथ देने वाले देश अब जीवित नहीं हैं, इसलिए उनकी शव यात्रा निकाली जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब तुर्की में भूकंप आया था, तब भारत ने उसकी मदद के लिए राशन, दवाइयां और राहत सामग्री भेजी थी। लेकिन बदले में तुर्की ने पाकिस्तान और आतंकवादियों का खुलकर समर्थन किया। इस मौके पर विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.राजीव ने कहा कि तुर्की और पाकिस्तान, दोनों भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और आतंकियों को समर्थन देते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इन दोनों देशों से हर तरह का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध समाप्त किया जाए।
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पाकिस्तान-तुर्की का निकला जनाजा, लगा पकिस्तान मुर्दाबाद का नारा

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