जौनपुर धारा,जौनपुर। भारतीय संस्कृति में पेड़ों, नदियों और पहाड़ों की पूजा करना प्राचीन परंपरा रही है। वट सावित्री व्रत पूजा भी इसी के अंतर्गत आती है। जहां सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं पति के लिए दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपवास रखती है। महिलाओं सोमवार को व्रत रखकर वट सावित्री पूजा के लिए सुहागिन महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही वट वृक्ष के नीचे सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु कामना को लेकर पूजा अर्चना व परिक्रमा की, मौली धागा बांधा और अपने पति की दीर्घायु की मंगलकामना की। वट सावित्री सुहागिन महिलाएं अखण्ड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि के दिन यह व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना करती हैं। ऐसा कहा जाता है कि सावित्री ने यमराज से लड़कर अपने कठिन तपस्या से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाई थी। इसी प्रेरणा से वट सावित्री व्रत रखा जाता है और सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए पूजा करती हैं, ताकि महिलाओं का सुहाग बना रहे। वट सावित्री पूजा करने आई सुहागिन महिलाओं का कहना है कि आज के दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति के लिए कठिन तपस्या कर अपने पति सत्यवान का प्राण वापस लाई थी।
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पति की लंबी आयु के लिए रखा वट सावित्री व्रत



