Pakistan Girl Cross Border For Indian Boyfriend : ‘पंछी, नदिया और पवन के झोंके, कोई सरहद न इन्हें रोके’. रिफ्यूजी फिल्म के गाने की ये लाइनें इस प्यार की कहानी पर सटीक बैठती हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार इंसानों के लिए बनाई गई सरहदें भी एक नौजवान लड़की को अपने प्यार मिलने के लिए नहीं रोक पाई और वो बिना वीजा के ही पाकिस्तान से भारत में आ गई.
इस लड़की ने पाकिस्तान से भारत तक का सफर कैसे किया इसकी पूरी कहानी उसके चाचा ने बताई है. उन्होंने बताया कि किस तरह इसने पाकिस्तान से दुबई के लिए एयर टिकट खरीदा, गहने बेचे, दोस्तों से भी पैसे उधार लिए. कैसे वो दुबई से नेपाल पहुंची और फिर नेपाल के रास्ते वो किस तरह भारत पहुंची उसके बाद बेंगलुरु में अपने प्यार का दीदार किया. तो आइए जानते हैं. इस पाकिस्तानी लड़की के प्यार की कहानी, उसके चाचा की जुबानी…
इकरा जीवानी ने की 3 सरहदें पार
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पिछले महीने बेंगलुरु में एक पाकिस्तानी लड़की को बरामद किया गया था. उसकी पहचान इकरा जीवानी के रूप में हुई. इकरा एक हिंदू लड़के मुलायम सिंह यादव के साथ रह रही थी. इस मामले में मुलायम सिंह जेल में है और इकरा को वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया है. इससे पहले इकरा और मुलायम की मुलाकात ऑनलाइन हुई थी. बातचीत करते करते इन लोगों को एक दूसरे से प्यार हो गया और शादी करके साथ रहने का मन बना लिया. इसके बाद इकरा नेपाल पहुंचती है और काठमांडू में मुलायम सिंह के साथ शादी कर लेती है.
इस तरह हुई शुरुआत
इस मामले पर इकरा के परिवार से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने अपना नाम तो नहीं बताया लेकिन जानकारी देते हुए कहा कि इकरा अपने घर वापस आ गई है और उसके मां-बाप ने वाघा बॉर्डर से उसे रिसीव किया है. उन्होंने बताया कि ये कहानी तब शुरू होती है जब सितंबर के महीने में इकरा कॉलेज के लिए निकली और घर वापस नहीं आई. इकरा के परिवार के मुताबिक, वो ऑनलाइन लूडो गेम खेलते हुए मुलायम सिंह नाम के शख्स के मिली. इकरा का सोचना था कि वो किसी बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है और उसका नाम समीर अंसारी है लेकिन बाद में पता चला कि उसका असली नाम मुलायम सिंह है और वो एक सिक्योरिटी गार्ड है.
प्यार से मिलने के लिए बेच दिए जेवर
इकरा पर प्यार का भूत इस कदर सवार था कि उसने अपने घर में रखे गहने बेच दिए. पाकिस्तान से दुबई और फिर वहां से नेपाल जाने के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए. नेपाल के काठमांडू पहुंचने पर वो मुलायम सिंह से मिली और वहां से उसके साथ बेंगलुरु पहुंची. बेंगलुरु में ये लोग साथ रहने लगे. उसके बाद पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस वहां पहुंचती है और इकरा को अपने साथ ले आती है. इकरा के चाचा अफजल का कहना है कि जहां ये लोग रह रहे थे वहां पर पड़ोसियों ने देखा कि एक हिंदू के घर में रहते हुए इकरा नमाज पढ़ रही है. इसी बात से पड़ोसियों को शक हुआ.
इकरा को प्यार में मिला धोखा?
यादव ने इकरा का नाम बदलकर रवा करने के बाद उसके लिए आधार कार्ड भी बनवाया और बाद में उसने भारतीय पासपोर्ट के लिए भी आवेदन किया. अफजल ने कहा, ‘‘लेकिन हम उसे बरामद करने और इस खौफनाक अध्याय को समाप्त करने में हमारी मदद करने के लिए पाकिस्तान और भारत सरकार के शुक्रगुजार हैं.’’
उन्होंने कहा कि लड़की पाकिस्तान लौटने के बाद से लगातार माफी मांग रही है. उन्होंने दावा किया कि ऑनलाइन लूडो गेम खेलने के दौरान जब दोनों सोशल मीडिया पर मिले तो भारतीय व्यक्ति ने खुद को मुस्लिम लड़का बताकर उनकी भतीजी को धोखा दिया.
…और इकरा के प्यार की कहानी खत्म
जीवानी परिवार का दक्षिणी सिंध प्रांत में हैदराबाद शहर के शाही बाजार में व्यवसाय है. परिवार के लोगों ने कहा कि इकरा को बेंगलुरु पहुंचने और यादव से मिलने के बाद अपनी गलती का एहसास हुआ क्योंकि उसने व्हाट्सएप पर अपनी मां को सब कुछ बताने के लिए फोन करना शुरू कर दिया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिवार ने उन्हें फोन के बारे में सूचित किया और उन्होंने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के साथ संपर्क किया, जिसने लड़की को खोजने और बरामद करने में मदद करने के लिए अपने भारतीय समकक्षों से संपर्क किया.



