जौनपुर धारा, जौनपुर। भारत विकास परिषद शाखा जौनपुर द्वारा नशा मुक्ति प्रकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत नशामुक्ति पखवारा के चतुर्थ दिवस का कार्यक्रम सिद्दीकपुर स्थित विद्यालय में उपस्थित 265 छात्र-छात्राओं को अपने परिवार से नशा रूपी बुराई को दूर करने की शपथ दिलाई गई। शाखा अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता ने सभी का स्वागत करते हुए आज के कार्यक्रम के बारे बताते हुए कहाकि समाज में नशे की बीमारी एवं लत को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद कार्य कर रही है। छात्र-छात्राओं से कहा अपने समाज में व्याप्त नशा रूपी बुराई को दूर करने के लिए सभी की सहयोग की जरूरत है। जनपद के एक दोहरा (गुटखा) व्यापारी ने अपने बेटी की प्रभावित बाते और समाज हित के लिए इस नशे के व्यापार को त्याग दिया। जरूरत है ऐसे व्यापारियो को समाज हित मे आगे आना चाहिए। प्रकल्प प्रमुख डॉ. गौरव मौर्या ने कहा कि किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थो में लगभग 6000 प्रकार के रसायन तत्व का उपयोग होता है जो किसी न किसी रूप में हमारे शरीर में नुकसान पहुंचाता है। किसी भी प्रकार का नशा जैसे तंबाकू, गुटखा, दोहरा, शराब इत्यादि से होने वाले दुष्परिणाम जैसे मुख कैंसर, मुंह का नहीं खुलना इत्यादि को विधिवत पोस्टर व लैपटॉप के माध्यम से बताया। इस अवसर पर नशामुक्ति के प्रांतीय प्रकल्प प्रमुख दिलीप जायसवाल ने कहा कि अगर बच्चों को संस्कारित किया जाए तो बच्चे इस नशा रूपी बुराई से दूर रहेंगे और अपने परिवार को भी नशा नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगे। तत्पश्चात सभी को नशा के प्रति आगाह करते हुए सभी को स्वयं एवं परिवार मित्र सहित कभी नशा नहीं करने की शपथ दिलाई।
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नशा मुक्त होने के लिए मन मे दृढ़ इच्छा शक्ति होना जरूरी



