- दादा के बाद पोते ने भी तोड़ा दम
जौनपुर। बदलापुर कस्बे में एक सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ दुखों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। आरोप है कि दुर्गा सिटी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान घायल पोते की मौत के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर आलोक यादव पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है। मिली जानकारी के अनुसार बीते 11 मार्च को बदलापुर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दादा और पोते को जोरदार टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल दोनों को आनन-फानन में शहर के दुर्गा सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्यवश, एक्सीडेंट के ही दिन दादा ने दम तोड़ दिया था। परिवार अभी दादा के जाने के सदमे से उभरा भी नहीं था कि अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे पोते की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस दूसरी मौत ने हँसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि डॉक्टर आलोक यादव और अस्पताल प्रशासन ने इलाज में संवेदनहीनता दिखाई। आरोपों के अनुसार: समय रहते उचित डॉक्टरी सलाह और इलाज मुहैया नहीं कराया गया। मरीज की बिगड़ती हालत के बावजूद उसे सही समय पर रेफर करने या विशेषज्ञ उपचार देने में देरी की गई। हॉस्पिटल द्वारा भारी-भरकम बिल वसूलने के बाद भी जान बचाने के ठोस प्रयास नहीं किए गए। अस्पताल में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत के बाद स्थानीय लोगों में गहरा गुस्सा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुँच गई है और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर डॉक्टर की भूमिका और इलाज के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की जा रही है कि इस घटना की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगाम लग सके।



