Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरचौथे दिन भी प्रवेश हेतु भारी संख्या में पहुँचे विद्यार्थी

चौथे दिन भी प्रवेश हेतु भारी संख्या में पहुँचे विद्यार्थी

जौनपुर धारा, जौनपुर। तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बी.ए.और बी.एस-सी. प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए चौथे दिन दिनांक-29 अगस्त को भारी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे। प्राचार्य प्रो.आलोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रवेश समिति के सदस्य पूरी तत्परता से विद्यार्थियों की काउंसलिंग कर रहे हैं। उनके अंक पत्र एवं प्रमाण पत्र तथा प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही काउंसलिंग हो रही है। उन्होंने बताया कि स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए भी 1 सितम्बर से अलग-अलग तिथियों में विभिन्न विषयों की काउंसलिंग शुरू हो जाएगी। अभ्यर्थी संबंधित विभाग में जाकर काउंसलिंग की तिथियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बीए प्रथम वर्ष प्रवेश समिति के संयोजक प्रो.आर.एन. ओझा ने बताया कि अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं का प्रवेश हुआ। 30 अगस्त को भी अन्य पिछड़ा वर्ग के समस्त अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। अनारक्षित वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के जिन छात्रों की काउंसलिंग छूट गई है, वह छात्र भी 30 अगस्त को उपस्थित होकर अपनी काउंसलिंग करा सकते हैं। बीएससी प्रथम वर्ष प्रवेश समिति के संयोजक प्रो.अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि 30 अगस्त को बीएससी जीव विज्ञान में ईडब्ल्यूएस एवं अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के समस्त छात्रों की काउंसलिंग होगी तथा बीएससी गणित के समस्त बचे हुए अभ्यर्थियों की काउंसलिंग भी कल ही होगी। इस अवसर पर बी.ए.प्रथम वर्ष प्रवेश समिति के प्रो.नरेंद्र राय, प्रो.शशि सिंह, प्रो.सुषमा सिंह, प्रो.शेखर सिंह, डॉ.धर्मेश राज, डॉ.गीता यादव, डॉ.महेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ.माया सिंह, डॉ.पंकज गौतम, डॉ.आशिया परवीन, डॉ.शुभ्रा सिंह भारद्वाज, डॉ.कुसुमलता पटेल, डॉ. पूनम सिंह, डॉ.छाया सिंह, डॉ.अर्चना श्रीवास्तव, डॉ.आशा सिंह तथा बी.एससी.प्रवेश समिति के प्रो.एस.के.वर्मा, प्रो.अजय शुक्ल, प्रो.के.बी. यादव, डॉ.रजनी सिंह, डॉ.जयप्रकाश सिंह, डॉ.विशाल पुंडीर, डॉ.रेनू सिंह,डॉ.विपिन सिंह ने अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कर उनका प्रवेश किया। मुख्य अनुशास्ता प्रो.रीता सिंह के नेतृत्व में अनुशास्ता मंडल के सदस्यों ने संपूर्ण प्रवेश प्रक्रिया में अनुशासन बनाने में योगदान दिया।