जौनपुर। उच्च न्यायालय ने इन्द्रा मार्केट मुंगराबादशाहपुर से सम्बंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर पालिका परिषद मुंगरा बादशाहपुर के प्रशासकीय अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी द्वारा जारी आदेशों को निरस्त कर दिया और उन्हें असंवैधानिक व अवैध करार दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रशासकीय अधिकारी द्वारा जारी नोटिस तथा उपजिलाधिकारी द्वारा की गई ध्वस्तीकरण की कार्यवाही न्यायोचित नहीं है, क्योंकि दुकानदारों को विधिवत एवं कानूनी रूप से आवंटन किया गया है। उन्हें हटाने की कार्यवाही केवल वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ही की जा सकती है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अखिलेश कुमार सिंह ने तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रशासकीय अधिकारी द्वारा दी गई नोटिस पूर्णत: त्रुटिपूर्ण है, क्योंकि स्थल निरीक्षण सक्षम अधिकारी से नहीं कराया गया और न ही विधिक प्रक्रिया का पालन किया गया। नगरपालिका की ओर से अधिवक्ता शशि कान्त मिश्रा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दुकानें जर्जर हो चुकी हैं, अत: उनका ध्वस्तीकरण आवश्यक है। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने प्रतिवाद करते हुए कहा कि दुकानों में आज भी नियमित व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं और उनमें किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं है। नगर पालिका ने अब तक न तो दुकानों की मरम्मत कराई है और न ही पुताई कराई है। साथ ही, दुकानदारों से इस संबंध में कोई स्वीकृति भी प्राप्त नहीं की गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को पूर्णत: स्थगित कर दिया और जारी नोटिसों को निरस्त कर दिया। इस सम्बंध में पूंछे जाने पर अधिशासी अधिकारी अखिलेश तिवारी ने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। न्यायालय के इस निर्णय से इन्द्रा मार्केट के दुकानदारों में हर्ष और उल्लास का वातावरण व्याप्त हो गया है।
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E-Paper 10-06-2026
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