जौनपुर धारा, जौनपुर। सुइथाकला क्षेत्र के लौंदा गांव निवासी पेशे से किसानी कर रहे हिमाचल मिश्र के मेधावी बेटे डॉ.प्रेम शंकर मिश्र आगामी 2024में आयरलैंड की राजधानी डबलिन में हो रहे इण्टरनेशनल जियोग्राफिकल कांग्रेस समिट में प्रतिभाग करेंगे। जिसकी सूचना पाते ही परिजनों समेत गुरूजनों, मित्रों और शुभचिंतकों में गर्व का माहौल हो गया।
डॉ.मिश्र अपने दो भाईयों और चार बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। बड़ा भाई पिता के साथ किसानी में हाथ बंटाने का कार्य करते हैं। विषम परिस्थितियों में डॉ.मिश्र स्नातक तक की पढ़ाई समोधपुर स्थित गांधी स्मारक पीजी कालेज से किए। पीएचडी कार्यक्रम में शामिल होने से पूर्व वह क्रमशः इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज मुंबई से जनसंख्या अध्ययन/जनसांख्यिकी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी से भूगोल में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। प्रोफेसर डॉ.टी.एस. श्यामला की देखरेख में एक आईसीएसएसआर अनुसंधान संस्थान, इंस्टीट्यूट फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज, बैंगलोर के माध्यम से मैसूर विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की। वर्तमान में डॉ.मिश्रा भारतीय प्रबंधन संस्थान बैंगलोर में पोस्ट-डॉक्टरेट रिसर्च एसोसिएट के रूप में कार्यरत हैं। अब तक वे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सहकर्मी-समीक्षित पत्रिकाओं में 40से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। उन्होंने 30 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार, कार्यशालाओं और संगोष्ठियों में भाग लिया है। डॉ मिश्र अगले वर्ष आयरलैंड की राजधानी डबलिन में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल जियोग्राफिकल कांग्रेस समिट-2024 सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं, जो विश्व स्तर पर भूगोल पर सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस है। वार्ता के क्रम में उन्होंने कहा कि अपने ज्ञान और अनुभवों को समाज और समुदाय के विकास में योगदान देना चाहते हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों समेत शिक्षण संकुल प्रबन्धक हृदय प्रसाद सिंह रानू, डॉ.रणजीत सिंह, डॉ.रणजीत पाण्डेय, डॉ.राकेश कुमार यादव, अरूण यादव, नवनीत मिश्र समेत अन्य लोगों ने गर्व करते हुए प्रसन्नता व्यक्त किया है।


