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Homeअपना जौनपुरहांड़ कपा देने वाली ठण्ड बढ़ाई ठिठुरन, नहीं गिरा अलाव

हांड़ कपा देने वाली ठण्ड बढ़ाई ठिठुरन, नहीं गिरा अलाव

  • पहाड़ों पर इलाकों में हो रही बर्फबारी ने बढ़ाया गलन, घरों में दुबके लोग

जौनपुर धारा, जौनपुर। पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाके तक ठिठुरन बढ़ रही है। गत दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड गुरूवार को और बढ़ गई। पारा गिरने के चलते आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पूरे दिन सर्द हवाएं चलने से हाड़ कंपा देने वाली ठंड के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। प्रशासनिक स्तर पर अबतक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नहीं शुरू किए जाने के चलते समस्या और बढ़ गई है। स्थायी दुकानों के अलावा फुटपाथ पर भी कंबल समेत गर्म कपड़ों की दुकानें सज गई हैं।

जिले में कोहरे की भीषण मार के बीच सर्दी का प्रकोप निरंतर बढ़ता जा रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने तथा बादलों के छाने से सर्दी का सितम चरम पर पहुंच रहा है। पाला के साथ ही शीतलहर से तापमान कम हो रहा है और यहां न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों ने ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया। दिसम्बर 2024 बीतने से पहले ही शुरू हुई ठण्ड ने मौसम का मिजाज अचानक बिग़ाड दिया और सर्द हवाएं चलने लगी। जिससे पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान गिर जाने से जन जीवन प्रभावित रहा। तापमान में आई गिरावट शुक्रवार को अचानक रात व दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। इस बीच चल रही सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में ही दुबकने को मजबूर कर दिया। हा़ंड कंपा देने वाली ठंड के कारण बाजारों में चहल-पहल कम रही। दोहपर बाद सर्द हवाओं का वेग और बढ़ गया। जिससे जन जीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले एक हफ्ते तक कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार हैं। लोगों को रात में ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ सकता है। यहां पिछले कई दिन से पड़ रहे पाला से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। शुक्रवार की सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो हल्का कोहरा छाए रहने के कारण पाला का सामना करना पड़ा। जहां कोहरे के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। स्थिति यह रही कि हाईवे से लेकर मुख्य मार्गों पर वाहन दिन में लाइट जलाकर निकल रहे थे तथा उनकी संख्या में भी भारी कमी दर्ज की गई। बदले मौसम का प्रभाव लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ा तथा जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया।