दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने देश में बढ़ते बिजली संकट के बीच अपने मंत्रिमंडल में बदलाव की घोषणा कर दी है. उन्होंने पॉल मैशटाइल को उप राष्ट्रपति बनाया है, साथ ही ऊर्जा मंत्री को भी बदल दिया है. रामाफोसा ने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को प्रभावी करने में सक्षम है. साउथ अफ्रीका इन दिनों बड़े बिजली संकट के दौर से गुजर रहा है. इस समस्या के समाधान के प्रयास की दिशा में राष्ट्रपति रामाफोसा ने डेविड मबुज़ा के इस्तीफे के बाद अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (ANC) के नंबर 2 अधिकारी पॉल मैशटाइल को डिप्टी प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. उन्होंने अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले कई अन्य सहयोगियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया है.
राष्ट्रपति रामाफोसा ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के लोग कार्रवाई चाहते हैं, वे समाधान चाहते हैं और वे चाहते हैं कि सरकार उनके लिए काम करे. कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को उन कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए निर्देशित किया गया है जो अब एक सार्थक अंतर लाएंगे. इससे अगले वर्ष के भीतर वास्तविक प्रगति दिखाई देगी. यह भविष्य में निरंतर सुधार की नींव रखेगा. रामाफोसा ने प्राथमिकता के मुद्दों का हवाला दिया कि सरकार को लोड शेडिंग, बेरोजगारी, गरीबी और जीवन और अपराध और भ्रष्टाचार की बढ़ती लागत को कंट्रोल करना है. नए मंत्रिमंडल की घोषणा में देरी के बारे में सार्वजनिक चिंताओं को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इसमें कई प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है. रामफोसा ने कहा कि नए मंत्री का प्राथमिक कार्य बिजली संकट को दूर करना होगा. बिजली संकट की प्रतिक्रिया को प्रभावी ढंग से देखने के लिए नियुक्त मंत्री के पास राजनीतिक जिम्मेदारी, अधिकार और बिजली के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर नियंत्रण होगा. रामाफोसा ने कहा कि बिजली के लिए प्रेसीडेंसी में मंत्री केवल तब तक कार्यालय में रहेगा, जब तक कि बिजली संकट को हल करने के लिए जरूरी है. भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. दक्षिण अफ्रीका के लोगों के हितों को उस काम में सबसे ऊपर रखें जो वे करते हैं.



