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जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर घायलों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग की।
Homeअपना जौनपुरबासंतिक नवरात्र के तीसरे दिन चंद्रघण्टा स्वरूप में भक्तों ने किया दर्शन

बासंतिक नवरात्र के तीसरे दिन चंद्रघण्टा स्वरूप में भक्तों ने किया दर्शन

  • माता रानी के जयकारों से वातावरण हुआ भक्तिमय

जौनपुर धारा,जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के मां शीतला चौकियां धाम में वासंतिक नवरात्रि के तीसरे दिन माता के चंद्रघण्टा स्वरूप में भक्तों ने पूजन किया। नवरात्रि का तीसरे दिन मां चंद्रघण्टा को समर्पित है। भागवत पुराण के अनुसार, मां चंद्रघण्टा का रूप अत्यंत शांत, सौम्य और ममतामयी है, जो अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और शान्ति प्रदान करती है। इस दिन विशेष पूजा करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, जीवन में खुशहाली आती है और सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ती है। पूजा के फलस्वरूप, लोग आपको अधिक सम्मान देने लगते हैं। मां चंद्रघण्टा का यह रूप विशेष रूप से सरल और शांति से परिपूर्ण है। अपने भक्तों की समृद्धि में वृद्धि करने के लिए प्रसिद्ध हैं। मां चन्द्रघण्टा की पूजा से न केवल भौतिक सुख में वृद्धि होती है, बल्कि समाज में आपका प्रभाव भी बढ़ता है। माना जाता है कि पूरे मनोभाव से मां चंद्रघंटा की पूजा-आराधना की पूजा की जाए तो जातक की हर मनोकामना पूर्ण होती है। चंद्रघंटा की पूजा में खीर का भोग अर्पित करना उत्तम माना जाता है। मां को विशेष रूप से केसर की खीर बहुत पसंद है। इसके अलावा आप लौंग, इलायची, पंचमेवा और दूध से बनी मिठाइयां भी मां को भोग के रूप में अर्पित कर सकते  हैं। भोग में मिसरी जरूर रखें और साथ ही पेड़े भी चढ़ाया जाता हैं।शीतला चौकियां धाम में प्रात:काल 4बजे मन्दिर के कपाट खुलने के पश्चात माता रानी का भव्य श्रृंगार कर मन्दिर पुजारी जयनारायण पण्डा ने आरती-पूजन किया। मन्दिर खुलने के पूर्व ब्रम्ह मुहूर्त से ही माता रानी के दर्शन के लिये भक्तों की लम्बी कतार लगी रही। दुर्गा सप्तशती पाठ, वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन पूजन माता रानी के जयकारों एवं घण्टों की गूंज से सारा वातावरण मनमोहक भक्तिमय हो गया। कतार में खड़े दर्शनार्थी बारी-बारी से दर्शन-पूजन करते हुये नजर आये।वहीं पूर्वांचल के कोने-कोने से आये श्रद्धालु मुंडन संस्कार, कढ़ाही, पूजन आदि करके परिवार समेत मां के चरणों में मत्था टेकते हुये सुख, शान्ति, समृद्धि, धन, यश, वैभव की कामना किये। नवरात्रि के तीसरे दिन भक्तों की भारी भीड़ दर्शन पूजन के लिए उमड़ी रही। धाम में दूर-दराज से आने वाले भक्तों का तांता लगा रहा। वहीं दर्शन-पूजन करने के पश्चात दर्शनार्थी पवित्र कुण्ड के बगल में स्थित काल भैरव नाथ एवं मां काली मंदिर में दर्शन-पूजन करते हुए नज़र आए। सुरक्षा की दृष्टि से मन्दिर परिसर में चौकियां चौकी प्रभारी ईस चन्द्र यादव अपने सहयोगी, पुलिस, पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।