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हाइब्रिड युद्ध: 21वीं सदी की अदृश्य चुनौती और भारत की सुरक्षा

यह छवि हाइब्रिड युद्ध की अवधारणा को दर्शाती है जिसमें साइबर हमले, सूचना युद्ध, आर्थिक दबाव और डिजिटल सुरक्षा शामिल हैं। यह आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और भारत की सुरक्षा रणनीति को समझाने में मदद करती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे तकनीक और डेटा आधुनिक युद्ध का मुख्य हिस्सा बन चुके हैं और राष्ट्र की सुरक्षा केवल सेना पर नहीं बल्कि डिजिटल सिस्टम और नागरिक जागरूकता पर भी निर्भर करती है।
Homeउत्तर प्रदेशपटना, लखनऊ, ऋषिकेश समेत इन 50 रेलवे स्‍टेशनों पर मिलेंगी सस्‍ती दवाएं

पटना, लखनऊ, ऋषिकेश समेत इन 50 रेलवे स्‍टेशनों पर मिलेंगी सस्‍ती दवाएं

नई दिल्‍ली. ट्रेन से सफर के दौरान अगर किसी यात्री की तबियत खराब हो जाए तो सबसे बड़ी समस्‍या दवा की होती है. कुछेक बड़े स्टेशनों को छोड़कर दवा नहीं मिलती है. इस वजह से सफर कर रहे यात्रियों को परेशानी होती है. कई बार यात्री को इस वजह से बीच के स्‍टेशन में उतरना पड़ता है. यात्रियों की इस समस्‍या को देखते हुए रेलवे मंत्रालय ने स्‍टेशनों पर दवा उपल्‍बध करने का फैसला लिया है.

रेलवे मंत्रालय के अनुसार स्‍टेशनों पर यात्रियों को सस्‍ती दवा उपलब्‍ध कराने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्‍द्र खोले जाएंगे. पायलट प्रोजेक्‍ट के रूप में देशभर के 50 रेलवे स्‍टेशनों को चिन्हित किया गया है. जहां परिसर पर ये केन्‍द्र खोले जाएंगे. इसके लिए लाइसेंस लेना होगा.20 राज्‍य और यूटी के स्‍टेशनों में यह केन्‍द्र खोले जाएंगे. इनमें प्रमुख बिहार, उत्‍तर प्रदेश, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, दिल्‍ली, गुजरात, जम्‍मू कश्‍मीर, उत्‍तराखंड हैं. दीनदयाल उपाध्‍याय जंक्‍शन, वीरांगना लक्ष्‍मीबाई, लखनऊ, गोरखपुर, बनारस, आगरा कैंट, मथुरा,ऋषिकेश, काशीपुर, दरबंगा, पटना, कटियार, जंगगीर -नैइला, बागबरहा, सीनी, अंकेलेश्‍वर, मेहसाणा, पेंडरा रोड, रत्‍लाम, मदन महल, बीना, सवाई माधोपुर, भगत की कोठी,फगवारा और राजपुरा प्रमुख स्‍टेशन हैं, जहां केन्‍द्र खोले जाएंगे.

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