जौनपुर धारा,जौनपुर। जौनपुर जिले के मछलीशहर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय हड़कंप मच गया जब एक बुजुर्ग किसान जिला अधिकारी के सामने पहुंचा और बोला, ‘साहब, मैं जिंदा हूंÓ यह सुनकर डीएम हैरान रह गए और उन्होंने मामले को तुरंत गंभीरता से लिया। किसान की बात सुनने के बाद डीएम ने तत्काल लेखपाल और कानूनगो समेत जिम्मेदार अधिकारियों को तलब किया और उन्हें कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, क्या आप इंग्लैंड से आए हैं? अगर आपको जानकारी थी तो यह गलती क्यों हुई? डीएम डॉ.दिनेश चंद्र का गुस्सा यहीं खत्म नहीं हुआ। उन्होंने लेखपाल और कानूनगो को साफ निर्देश दिए कि वे गांव में जाकर पूरे मामले की जांच करें और जरूरत पड़ने पर रातभर वहीं रहकर जांच पूरी करें। उन्होंने दोनों से कहा कि वे सिर्फ कागजी कार्रवाई न करें, बल्कि जमीनी हकीकत को समझें और रिपोर्ट पेश करें। डीएम ने संबंधित बीडीओ को निर्देश दिया कि वे जांच के दौरान दोनों अधिकारियों की फोटो जियो टैगिंग कराएं और सुनिश्चित करें कि अधिकारी गांव के ग्राम सचिवालय में ही रहें, किसी स्थानीय व्यक्ति के घर पर नहीं।
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जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर घायलों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग की।
जब खुद को “जिंदा” साबित करने तहसील दिवस पर पहुंचा किसान


