जौनपुर धारा, शाहगंज। क्षेत्र के बड़ागांव में रविवार को प्रात: से ही ग्यारहवीं मोहर्रम पर ऐतिहासिक जुलूस लुटा हुआ काफिला में दूर दराज से जायरीनों के आने सिलसिला शुरू हो गया। जुलूस का बड़ा गांव के सैयद सिब्तैन के अजाखाने से बरामद किया गया। जुलूस की अध्यक्षता सदर-ए हुसैनी मिशन सैयद जीशान हैदर द्वारा की गई। जुलूस-ए-अजा का शुभारंभ प्रात: लगभग 11 बजे हुआ जिसकी तकरीर जाकिर-ए-अहलेबैत मौलाना सैयद आरजू हुसैन आब्दी द्वारा किया गया। जुलूस का संचालन असगर मेहंदी गुड्डू ने किया। यह जुलूस इमाम हुसैन की शहादत के बाद कर्बला में होने वाली घटना को याद कर मनाया जाता है। जिसमें क्षेत्र के अलग-अलग स्थान से श्रद्धालु इकट्ठा होकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस जुलूस में मकामी और बाहरी अंजुमनों ने अलग-अलग अंदाज में नौहा खानी व सीनाजनी पेश किया। जिसका नेतृत्व मोहम्मद फैजान द्वारा किया गया। ऐतिहासिक जुलूस अपने प्राचीन मार्ग से भ्रमण करता हुआ मडवा सादात के रास्ते रौज-ए पंजे शरीफ पर जाकर संपन्न किया गया। जुलूस समापन की अंतिम तकरीर मौलाना सैयद आजमी अब्बास ने किया। जुलूस में प्रमुख रूप से पुलिस के जवान तैनात रहे और जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से सकुशल संपन्न कराया जिसमें प्रभारी निरीक्षक आदेश त्यागी, उप निरीक्षक प्रभु नाथ यादव, राजन कुमार, कमलेश समेत पुलिस के जवान उपस्थित रहे। जुलूस के समाप्ति के बाद कार्यक्रम संयोजक ने वâोतवाली पुलिस समेत उपस्थित सभी पुलिस के जवानों का आभार व्यक्त किया। जुलूस के दौरान पूर्व प्रधान मोहम्मद अजहर, हसन मेहंदी, समीम हैदर, वारिस हाशमी, सैयद अबूजर आब्दी, सैयद करनैन समेत हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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ग्यारहवीं मोहर्रम के जुलूस में जायरीनों का उमड़ा जनसैलाब


