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हैप्पी मॉडल स्कूल में मिशन शक्ति जागरूकता कार्यक्रम

मुंगराबादशाहपुर के हैप्पी मॉडल पब्लिक स्कूल में थाना पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। पुलिसकर्मियों ने छात्राओं से छेड़छाड़ या उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर शिकायत करने की अपील की।

E-Paper 10-10-2026

Homeअपना जौनपुरकरेंट की चपेट में आने से सहज जन सेवा संचालक की मौत

करेंट की चपेट में आने से सहज जन सेवा संचालक की मौत

जौनपुर धारा, जौनपुर। सुइथाकला थाना क्षेत्र के बासूपुर गाँव में बुधवार देर शाम करेंट की चपेट में आने से बघरवारा गांव निवासी सहज जन सेवा संचालक की मौत हो गयी। सूचना पर पहुँची पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करते हुए लाश को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। बताया जाता है कि क्षेत्र के बघरवारा गांव निवासी रामभुवन यादव 40 पुत्र राजकिशोर गौसपुर तिराहे पर सहज जन सेवा केन्द्र चलाता था। बुधवार देर शाम कामकाज से निवृत्त होकर पड़ोस के बासूपुर गाँव में निमन्त्रण करने गया हुआ था। उसी दौरान द्वारपूजा के समय बना स्वागत द्वार डीजे के फँसने से लुढ़क गया था जिसे ठीक कराने में वह लग गया। स्वागत द्वार में लगे लोहे की पाइप ऊपर से गुजरे हाई टेंशन तार के सम्पर्क में आ जाने से वह करेण्ट की चपेट में आ गया। हालांकि लोगों द्वारा उसे उपचार हेतु शाहगंज ले जाया गया लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर मौत हो जाने की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर चौकी प्रभारी सुनील कुमार मौके पर पहुंच लाश को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। मृतक माता पिता के दो सन्तानों में सबसे बड़ा था, दूसरा नीरज यादव रोजगार सेवक है।

…आखिर कैसे करेगीं नीलम बच्चों की परवरिश

बुधवार देर शाम क्षेत्र के बासूपुर गांव में करेंट की चपेट में आने से हुई सहज जन सेवा संचालक रामभुवन यादव की मौत ने परिवार के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया। बता दें कि मृतक अपने माता पिता की दो सन्तानों में बड़ा था, जो सहज जन सेवा केन्द्र चलाता था व पत्नी नीलम यादव आंगनवाड़ी सहायिका है। दोनों मिलकर अपनी गृहस्थी की गाड़ी को आराम से चला रहे थे लेकिन मौत ने जहां नीलम के सुहाग को उजाड़ दिया वहीं उसकी सात वर्षीया बेटी दिव्या और पाच वर्षीय बेटे दिव्यांश के सर से पिता के साये को भी हटा दिया। पति के गम में जहां वह बदहवास सी पड़ी है, वहीं मृतक की मां का भी रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के करूण क्रन्दन से पूरा माहौल गमजदा हो गया है। बच्चों की परविश को लेकर सभी चिन्तित थे कि अब अकेले नीलम बच्चों की देखभाल कैसे कर सकेगी। बहरहाल चाहे जो भी हो लेकिन मौत ने उसके मांग को उजाड़ने के साथ ही बच्चों की परविश की भी जिम्मेदारी उसके ऊपर डालकर लोगों के लिए चर्चा का विषय बना दिया।