Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img
Homeअपना जौनपुरहजारों दीपों की लौ से जगमगा उठा मां शीतला मंदिर परिसर, गूंजे...

हजारों दीपों की लौ से जगमगा उठा मां शीतला मंदिर परिसर, गूंजे जयकारे

जौनपुर धारा,मुंगराबादशाहपुर। मां शीतला देवी चौरा माता मंदिर मोहल्ला गुड़हाई रामलीला मैदान पर शुक्रवार रात में सप्तमी तिथि को दीपदान किया गया, तो हजारों दीपक की लौ से जगमगा उठा मंदिर परिसर, इसमें सभी देवी एवं देवताओं का रात्रि में आह्वान करने के साथ ही साथ श्रद्धालुओं द्वारा लाए गए दीपकों को जलाकर अपनी ओर से सहयोग किया गया। जिसके प्रकाश से पूरा मंदिर परिसर लौकिक ज्योति से प्रकाशमान हो गया और इसकी एक अलग छवि देखने को मिली। छोटे-छोटे बच्चों ने बनाई मनमोहक रंगोली, जय माता दी जय मां शीतला माता के जयकारों से गूंज उठा वातावरण। देशभर में नवरात्र का त्यौहार पूरे धूमधाम और हर्षोउल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रि के सप्तमी के दिन मां कालरात्री देवी की पूजा की जाती है। यहां पर मां शीतला दरबार में नवरात्र के दिनों में माता रानी के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। इसके साथ ही यहां देर शाम दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार रात में मंदिर प्रांगण में जुटे सैकड़ों भक्तों ने जब एक साथ दीप प्रज्जवलित किया तो पूरा मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। भक्तों द्वारा लगाए जा रहे मां शीतला माता के जयकारों से गूंज उठा मंदिर प्रांगण। दीपदान उत्सव को देखते हुए काफी अच्छी खासी संख्या में महिलाएं, पुरुष व बच्चे शाम ढलते ही मंदिर परिसर में दीपक जलाकर माता रानी की पूजा अर्चना किया। जैसे-जैसे यहां पर भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हुआ,तो एक साथ हजारों दीप की झिलमिल रोशनी से पूरा मंदिर जगमगा उठा। हजारों की संख्या में जल रहे ये दीप अंधेरे में एक अलग ही नजारा पेश कर रहे थे। मंदिर परिसर मुख्य द्वार पर भी कई प्रकार की रंग बिरंगी झालरे लगाई गई थी। जिससे पूरा मंदिर प्रांगण अद्भुत और आकर्षक नजर आ रहा था। वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने मनमोहक रंगोली बनाई थी। जिसे देख लोगों ने उनकी खूब प्रशंसा भी की। इससे पहले क्षेत्र के विद्वान पंडित पंकज मिश्र द्वारा मां कालरात्रि की पूजा अर्चना विधि विधान पूर्वक किया गया और आरती की गई। इस अवसर पर सैकड़ों भक्तों की भीड़ मौजूद रही व दर्शन पूजन का सिलसिला चलता रहा।