Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में सुभासपा ने सौंपा ज्ञापन

जौनपुर में सुभासपा ने जातिसूचक एवं अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़ितों को सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की।
Homeअपना जौनपुरसिकरारा में संविदा कर्मियों का हंगामा

सिकरारा में संविदा कर्मियों का हंगामा

  • तीन माह से मानदेय न मिलने पर विद्युत उपकेंद्र पर धरना, काम

ठप जौनपुर। सिकरारा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात संविदा कर्मियों ने तीन महीने से मानदेय न मिलने और अधिकारियों द्वारा 24घण्टे काम के दबाव के खिलाफ सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए कर्मियों ने उपकेंद्र पर धरना देकर कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी न केवल उन्हें लगातार 24घण्टे काम करने का दबाव डालते हैं, बल्कि मानदेय के भुगतान की मांग को भी टालमटोल करते हैं। कर्मियों ने बताया कि पिछले तीन महीनों से उनका मानदेय लंबित है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। एक प्रदर्शनकारी कर्मचारी ने कहा हम दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही हमारी समस्याओं को सुना जाता है। अधिकारी सिर्फ काम का दबाव बनाते हैं और मानदेय की बात को टाल देते हैं। धरने में शामिल अन्य कर्मचारियों ने बताया कि आउटसोर्सिंग कम्पनियों के जरिए भर्ती होने के बावजूद उन्हें उचित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हमारी मांग है कि मानदेय समय पर दिया जाए और काम के घंटों को नियमित किया जाए। हम इंसान हैं, मशीन नहीं, एक अन्य कर्मचारी ने गुस्से में कहा। इस प्रदर्शन से सिकरारा विद्युत उपकेंद्र का कामकाज प्रभावित हुआ, और स्थानीय लोगों को बिजली आपूर्ति में देरी की शिकायतें शुरू हो गईं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धरना जारी रखेंगे। इस बीच, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से ले रहे हैं। मानदेय भुगतान में देरी की वजह आउटसोर्सिंग एजेंसी से संबंधित कुछ तकनीकी समस्याएं हैं, जिन्हें जल्द हल कर लिया जाएगा। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि वे बार-बार के आश्वासनों से तंग आ चुके हैं और अब ठोस कार्रवाई चाहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर संविदा कर्मियों की समस्याओं को उजागर किया है, जो उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों में लंबे समय से अनियमित वेतन और कार्यस्थितियों से जूझ रहे हैं।