- जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान, बढ़ सकता है संक्रामक का खतरा
जौनपुर धारा, सिकरारा। इस समय शारदा सहायक नहर में पानी आने से किसान अपने-अपने फसलों की सिंचाई में जुटे हुए हैं, वहीं गैर जिम्मेदार लोग सारे नियम कानून ताक पर रखकर अपने-अपने मृत पशुओं को नहर के बहते हुए पानी में ले जाकर फेंक दे रहे हैं। जिसमें गौशालाओं में जो पशु मर जाते हैं। उनको मिट्टी में गाड़ने के बजाय उन्हें भी शारदा सहायक नहर में फेंक दिया जाता है और कुछ गैर जिम्मेदार पशुपालक भी अपने मृत पशुओं को नहर में ही फेंक दे रहे हैं। जिससे पशु जब सड़ते हैं तो इतनी दुर्गंध उठती है कि नहर के किनारे से आने-जाने वाले लोग अपनी नाक को बंद करके गुजरते हैं। लेकिन प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उक्त समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।एक तरफ सरकार द्वारा जहां करोड़ों रुपए खर्च करके गंगा सफाई अभियान चलाया जा रहा है, वही दूसरी तरफ गैर जिम्मेदार लोगों की हरकत से शारदा सहायक नहर के पानी को दूषित किया जा रहा है। जिससे खुद किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। अगर समय से पहले इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो लोगों को संक्रामक बीमारी से जूझना पड़ सकता है। इस समस्या की तरफ नहर विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को कड़ाई से निगरानी करते हुए इस पर अविलंब रोक लगाने की आवश्यकता है।


