कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सवाई माधोपुर में उनकी तुलना महात्मा गांधी से से करने पर आपत्ति जताई. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि उनकी तुलना किसी कांग्रेस के किसी भी नेता से नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने अपने पार्टी नेताओं को इस मामले में तीन सुझाव दिए हैं.राहुल गांधी ने पहला सुझाव देते हुए कहा कि मेरा नाम गांधी जी के साथ मत लीजिए. डोटासराजी (गोविंद सिंह डोटासरा) ने मेरी तुलना महात्मा गांधी से की. उन्होंने कहा कि बापु नेक इंसान थे और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए अपना पूरा जीवन कुर्बान कर दिया. उन्होंने कह कि वह 10-12 साल जेल में रहे, उनके पद को कोई भी नहीं ले सकता है और उनकी तुलना किसी भी व्यक्ति से नहीं की जानी चाहिए. राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दूसरी सलाह देते हुए कहा कि मैं दूसरी बात जो कहना चाहता हूं वह थोड़ी सी कठिन है. उन्होंने कहा कि इस देश के लिए राजीव गांधी ने जो किया, इंदिरा गांधी ने जो किया, सरदार पटेल ने जो किया, गांधी जी ने जो किया, जवाहर लाल नेहरू ने जो किया उसका जिक्र हर मीटिंग सभा में नहीं करना है. अब यह बीती हुई बात हो गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब जो करने वाली है वह जरूरी है.
राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ता को तीसरी सलाह देते हुए कहा कि मेरे दिमाग में जो भी विचार आते हैं मैं उन विचारों को सबसे पहले खुद अपने साथ साझा करता हूं. मुझको इस बात का खेद है.कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने शुरुआती भाषण में केंद्र सरकार को आर्थिक मोर्चे पर घेरते हुए ‘गलत’ जीएसटी, नोटबंदी के लिए बीजेपी सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत की आधी दौलत 100 लोगों के हाथों में है और ये 100 लोग ही देश चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन 100 लोगों में से 4 से 5 ऐसे हैं जिनको महाराजा कहा जा सकता है क्योंकि देश की हर संस्था उनके लिए ही काम करती है. उन्होंने कहा कि खुद प्रधानमंत्री मोदी उनके लिए काम करते हैं.
भारत जोड़ो यात्रा पार्टी कार्यकर्ताओं को राहुल गांधी ने दिया सुझाव



