मुंगराबादशाहपुर। श्रीमद् भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं, वैसे ही जैसे आग सब कुछ जलाकर राख कर देती है। भागवत कथा श्रवण से बढ़कर इस संसार में कोई ज्ञान, मोक्ष का सरल साधन नहीं है। स्टेशन रोड में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन वृंदावन से पधारी कथा व्यास सुश्री प्रज्ञा ने कहा कि न भागवत की नियती ब्रह्म होना है, यह देव दुर्लभ है किंतु मनुष्यों को सुलभ होकर ज्ञान गंगा के रूप में प्रवाहित हो रही है। हर मनुष्य को समाज में अच्छा काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म के कुछ भी संभव नहीं है। जो मनुष्य अच्छा कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है, बुरे कर्म करने वाले को बुरा फल मिलता है। इसलिए सबको अच्छा कर्म ही करना चाहिए।भागवत को सुनने से पाप नष्ट होता है। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी रसपान किया जाए तब भी तृप्ति नहीं होती। कहा कि भक्ति के दो पुत्र हैं, एक ज्ञान दूसरा वैराग्य भक्ति बड़ी दुखी थी। उसके दोनों पुत्र वृद्धावस्था में आकर भी सोए पड़े हैं। वेद वेदांत का घोल किया गया, किंतु वे नहीं जागे, यह बड़ा विचित्र और सुक्ष्म विचार का विषय है। भक्ति बड़ी दुखी थी कि यदि वे नहीं जागे तो यह संसार गर्त में चला जाएगा। भागवत कथा पौराणिक होती है। उन्होंने कहा कि ईर्ष्या मनुष्य के पतन का कारण बनती है, जबकि प्रसन्नता उसे उच्चता प्रदान करती है। उन्होंने भारत भूमि के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह धरती सबसे श्रेष्ठ है, क्योंकि यहीं पर भगवान का नाम लेने की पूर्ण स्वतंत्रता है। मुख्य यजमान राजकुमार कसौधन व मालती देवी ने भगवान कृष्ण की आरती उतारकर आशिर्वाद लिया। इस अवसर पर राहुल कसौधन, गणेश कसौधन, संध्या, उपासना, विनीता, प्रीति, रिया, प्रियंका, नीलम देवी, पार्वती देवी, पूजा, शिखा, प्रीति, अनुराधा व सोनी देवी आदि सैकड़ो की संख्या में भागवत कथा का रसपान किया।
― Advertisement ―
सिकरारा सड़क हादसे में 62 वर्षीय अधेड़ की मौत, बाइक की टक्कर से हुआ था घायल
सिकरारा थाना क्षेत्र के लाला बाजार में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से घायल 62 वर्षीय सुदामा निषाद की वाराणसी ले जाते समय मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप हो जाते हैं नष्ट

Previous article

