जौनपुर। ऐतिहासिक शाही किला परिसर में आयोजित तीन दिवसीय जौनपुर महोत्सव का गुरुवार देर शाम भव्य समापन हो गया। 24 से 26 मार्च तक चले इस महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित कवि सम्मेलन ने जनपदवासियों को उत्साह से भर दिया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कवियों ने बांधा समा
समापन संध्या पर आयोजित कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। साड बनारसी, सभाजीत द्विवेदी ‘प्रखर’, कमलेश राजहंस, प्रियांश, गजेन्द्र, अखिलेश द्विवेदी, भुवन मोहिनी, और शिवांगी शर्मा जैसे कलाकारों ने हास्य-व्यंग्य और गीतों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके अलावा शरीफ भारती, योगेन्द्र, देशराज सिंह, लोकेश, श्लेष गौतम, बिहारी लाल अम्बर, डॉ. आदित्य जैन और अंकित सिंह परमार की प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा।
सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा
राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने महोत्सव की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारा बढ़ाते हैं और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हैं। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने सफल आयोजन के लिए पूरी टीम और जौनपुर की जनता का आभार व्यक्त किया।
जौनपुर के मिजाज का जिक्र कर शिक्षक-कवि ने महोत्सव में बांधा समां

जौनपुर। शिक्षा क्षेत्र सवायन गांव स्थित राजकीय हाई स्कूल में तैनात शिक्षक एवं श्रृंगार रस के कवि राहुल राज मिश्र ने गुरुवार रात जौनपुर महोत्सव में आयोजित कवि सम्मेलन में अपने काव्य पाठ से समां बांध दिया। उन्होंने जौनपुर के मिजाज का जिक्र करते हुए अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की, जिसे उपस्थित श्रोताओं और मंचासीन कवियों ने खूब सराहा। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित जौनपुर महोत्सव का तीसरा दिन साहित्य प्रेमियों के लिए खास रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों और कवियित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का दिल जीत लिया। इसी क्रम में मूलरूप से देवरिया जनपद निवासी राहुल राज मिश्र ने जौनपुर की पहचान ‘चमेली के तेल और इमरतीÓ का जिक्र करते हुए अपनी कविताओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का संचालन कवि सभाजीत द्विवेदी ‘प्रखरÓ ने किया। कार्यक्रम में गजेन्द्र प्रियांशु, कमलेश राजहंस, श्लेष गौतम, लोकेश त्रिपाठी सहित कवियत्री भुवन मोहिनी और शिवांगी शर्मा ने भी काव्य पाठ किया।



