- थानेदारों को घटना के संबंध में किसी भी तरह की नहीं है जानकारी,
खुटहन। थाना क्षेत्र के मरहट गांव नहर के पास बहनोई को अगवा कर मारने पीटने और मोबाइल रुपया छीनने के बाद सालो ने गमछा से गला दबाकर हत्या करने का किया गया प्रयास। उसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। पड़ोसी जनपद आजमगढ़ दीदारगंज थाना क्षेत्र के मदार बख्श मोलनापुर गांव निवासी किशन यादव उम्र लगभग 31वर्ष पुत्र राजेंद्र यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि मैं ट्रेलर वाहन चलाता हूं। इसलिए कई दिन बाहर रहना पड़ता है। अभी 4 दिन पहले पत्नी शशि कला ने दीदारगंज थाने में जहेज़ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया था। इसी संबंध में थाना के एक दारोगा ने थाने पर बुलाया था। रविवार को ट्रेलर लेकर मिर्जापुर आया और सोमवार को दीदारगंज थाने पर पहुंचने के लिए जा रहा था। आरोप है कि मेरे साले शशिकांत और ऋषिकांत को थाने पहुंचने की मेरे जानकारी किसी माध्यम से मिल गई और मुझे खेतासराय से अगवा कर खुटहन जाने वाले मार्ग की तरफ से ले जाकर खुटहन थाना क्षेत्र के मरहट नहर के पास ले जाकर दोनों ने मेरा बैग छीन कर मोबाइल और 3000 निकालने के बाद बैग को फेंक दिया और मुझे मारने पीटने के बाद गमछे से गला दबाकर हत्या करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान स्थानीय एक व्यक्ति के देख लेने से दोनों मोटरसाइकिल से फरार हो गये। जानकारी होने पर मेरे मौसा मौसी के साथ स्थानीय लोगों द्वारा सीएचसी खुटहन पहुंचा कर भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार करने के पश्चात हालत गंभीर देखकर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। खबर पाकर परिजन भी जिला अस्पताल जौनपुर पहुंच गए। किशन के पिता राजेंद्र यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेरे पुत्र का विवाह शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी राजकुमार की बेटी शशि कला से लगभग 8वर्ष पूर्व हुई थी मेरे पुत्र के दो बच्चों में एक लड़का और एक लड़की है। मेरी बहू किशन को अलग लेकर रहना चाहती है। इसीलिए वह दीदारगंज थाने में प्रार्थना पत्र लेकर जहेज़ उत्पीड़न का आरोप लगा रही है। इस मामले को लेकर दीदारगंज थाना में तैनात मामले को देख रहे उपनिरीक्षक राम बहादुर यादव से दूरभाष पर संपर्क कर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि किशन यादव की पत्नी शशि कला ने प्रार्थना पत्र दिया है। उससे मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा गया। लेकिन उसका कहना था कि मेरा मायका शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में है। इसलिए मैं चाहती हूं मेरा मुकदमा शाहगंज में लिखा जाए। किशन यादव के थाने पर बुलाए जाने के संबंध में बताएं कि मैं छुट्टी पर था हो सकता है। थानाध्यक्ष ने उसे बुलाया हो और किसी घटना की मुझे जानकारी नहीं है। हालांकि पीड़ित किशन यादव के यह बताने पर कि मुझे खेतासराय से अगवा कर खुटहन थाना क्षेत्र के मरहट गांव नहर के पास ले जाकर साले ऋषिकांत और शशिकांत के द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। इस संबंध में खुटहन थाना प्रभारी रामाश्रय राय और खेतासराय थाना प्रभारी प्रदीप सिंह से घटना के संबंध में मोबाइल फोन से पूछा गया तो दोनों लोगों ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। अब सवाल यहां पर यह उठता है कि क्या पीड़ित किशन यादव अपने साथ हुई घटना के बारे में सच बोल रहा है या उसकी पत्नी शशि कला द्वारा दीदारगंज थाने में जहेज़ उत्पीड़न का प्रार्थना पर देखकर आरोप लगाने के बाद किसी साजिश के तहत घटना का रूप देकर कोई कहानी गढ़ी जा रही है।


