पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की हालात खस्ता है और इसमें सुधार लाने के लिए हुकूमत को विदेश से कर्ज भी नहीं मिल पा रहा. महंगाई चरम पर पहुंच गई है और पाकिस्तानी रुपये की वैल्यू बहुत कम रह गई है. लोगों को जरूरत की चीजें नहीं मिल पा रही हैं. ऐसे में पाकिस्तान के बहुत-से आर्थिक विशेषज्ञों को डर है कि उनका मुल्क दिवालिया होने वाला है. हालांकि, पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पाकिस्तान दिवालिया नहीं हो रहा है.
मुल्क की बदतर होते हालात के बारे में पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंडियाल ने शुक्रवार को बयान दिया. अपने बयान में उमर अता ने इस धारणा को खारिज कर दिया कि उनका मुल्क दिवालिएपन की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने पाक की हुकूमत को विदेशी मुद्रा तस्करी को रोकने के उपाय अपनाने को कहा है. वहीं, पाक के वित्त मंत्री ने माना कि पाक का विदेशी मुद्रा भंडार कम हुआ है. उसमें गिरावट दर्ज की गई है. इसलिए, पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि विदेशी मुद्रा की तस्करी पर लगाम लगाने की कोशिश हुकूमत को करनी चाहिए. मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंडियाल ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा, “हमारा पाकिस्तान दिवालिया नहीं हो रहा है.” उन्होंने कहा, ”मुल्क की बेहतरी के लिए सभी को खुद को बेहतर बनाने की जरूरत है. इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने कहा था कि उनका मुल्क दिवालिया होने के कगार पर है. मरियम नवाज बीते रविवार (5 फरवरी) को मुल्क में व्याप्त बदहाली पर बात कर रही थीं. उन्होंने मुल्तान में कहा, ”यदि हुकूमत ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की बात सुनी तो महंगाई बढ़ेगी और न सुनी तो मुल्क दिवालिया होने को आ जाता है.’ पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम लेकर यह भी कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ वायदा करके इमरान तो चला गया, लेकिन मुल्क में तबाही मचा गया!



